
Hemant Soren : मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने राज्य के विकास कार्यों में तेजी लाने और योजनाओं को अधिक प्रभावी बनाने के लिए अधिकारियों को कई अहम निर्देश दिए हैं। गुरुवार को प्रोजेक्ट भवन में आयोजित योजना एवं विकास विभाग की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने ‘वन डिस्ट्रिक्ट, वन प्रोजेक्ट’ योजना को प्राथमिकता के आधार पर लागू करने, नवाचार आधारित योजनाओं का दायरा बढ़ाने और कम उपयोगी योजनाओं की समीक्षा कर उन्हें बंद करने का संकेत दिया।
बैठक में मुख्यमंत्री ने विभागों को निर्धारित लक्ष्यों को समय पर पूरा करने, योजनाओं की नियमित निगरानी करने और कार्यान्वयन में पारदर्शिता बनाए रखने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि विकास कार्यों का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचना सुनिश्चित किया जाए।
हर जिले के लिए बनेगी विशेष विकास योजना
बैठक के दौरान अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को बताया कि राज्य में ‘वन डिस्ट्रिक्ट, वन प्रोजेक्ट’ की अवधारणा पर कार्य शुरू हो चुका है। इसके तहत प्रत्येक जिले की विशेष जरूरतों और संभावनाओं के अनुरूप एक प्रमुख परियोजना का चयन किया जाएगा, जिससे जिले की अलग पहचान विकसित हो सके।
इनोवेटिव स्कीम का बजट बढ़ाया गया
योजना एवं विकास विभाग ने जानकारी दी कि इनोवेटिव स्कीम के तहत किसी भी परियोजना के लिए निर्धारित अधिकतम राशि को 2 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 5 करोड़ रुपये कर दिया गया है। मुख्यमंत्री ने नवाचार आधारित योजनाओं को प्राथमिकता देने और उनके प्रभावी क्रियान्वयन पर जोर दिया।
बेअसर योजनाओं की होगी समीक्षा
पिछले पांच वर्षों से संचालित योजनाओं के प्रदर्शन की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि जिन योजनाओं का अपेक्षित लाभ नहीं मिल रहा है, उनकी उपयोगिता का मूल्यांकन किया जाए। जरूरत पड़ने पर उनमें सुधार किया जाए या उन्हें बंद करने पर विचार किया जाए, ताकि संसाधनों का बेहतर उपयोग सुनिश्चित हो सके।
कम खर्च करने वाले विभागों पर रहेगी नजर
वित्तीय वर्ष 2025-26 में विभिन्न विभागों द्वारा बजट खर्च की समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री ने कम खर्च वाले विभागों पर नाराजगी जताई। निर्णय लिया गया कि 75 प्रतिशत से कम बजट खर्च करने वाले विभागों के प्रदर्शन का विश्लेषण किया जाएगा, जबकि 60 प्रतिशत से कम खर्च वाले विभागों की विशेष समीक्षा कर जवाबदेही तय की जाएगी।
10 वर्षों के विकास का रोडमैप तैयार होगा
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को राज्य के समग्र विकास के लिए अगले 10 वर्षों का विस्तृत विजन डॉक्यूमेंट तैयार करने का सुझाव दिया। उन्होंने कहा कि भविष्य की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए ऐसी योजनाएं बनाई जाएं, जो झारखंड को आर्थिक, सामाजिक और आधारभूत संरचना के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों तक पहुंचा सकें।
बैठक में योजना एवं विकास मंत्री राधाकृष्ण किशोर, मुख्य सचिव अविनाश कुमार, विकास आयुक्त अजय कुमार सिंह, विभागीय सचिव मुकेश कुमार सहित कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

