रांची: झारखंड सरकार ने पेयजल योजनाओं को बेहतर ढंग से क्रियान्वयन और जल गुणवत्ता में सुधार के लिए शैक्षणिक संस्थानों से सहयोग लेने का फैसला किया है। एक अधिकारी ने शनिवार को यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि विभाग जल्द ही इस उद्देश्य के लिए भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (भारतीय खान विद्यापीठ) धनबाद, रांची विश्वविद्यालय और निर्मला महाविद्यालय, रांची के साथ समझौता ज्ञापनों पर हस्ताक्षर करेगा।
पेयजल और स्वच्छता सचिव अबू इमरान ने शुक्रवार को संस्थानों के अधिकारियों और प्रोफेसरों के साथ विभाग की संचालन और रखरखाव नीति पर चर्चा करने के लिए एक बैठक की। यहां जारी एक बयान के मुताबिक इमरान ने कहा, ‘‘शैक्षणिक संस्थानों की भागीदारी से योजनाओं की गुणवत्ता बेहतर होगी और जनता को निर्बाध साफ पेयजल की आपूर्ति सुनिश्चित होगी।’’
बयान के मुताबिक ये संस्थान पाइपलाइन में रिसाव का पता लगाने, जलापूर्ति योजनाओं के डिज़ाइन और उनके संचालन व रखरखाव जैसे मुद्दों पर तकनीकी विशेषज्ञता प्रदान करेंगे। बयान में कहा गया है कि खनन वाले इलाकों, खासकर धनबाद और झरिया में, पर्यावरण को हो रहे नुकसान का जल स्रोतों पर असर जानने और उन्हें बचाने की दीर्घकालिक नीति के लिए एक कार्य योजना तैयार की जाएगी।


