झारखंड में बड़ा प्रस्ताव: हाथी के हमले में मौत पर 10 लाख तक मुआवजा

झारखंड में हाथी हमले में मौत पर मुआवजा 4 लाख से बढ़ाकर 10 लाख करने का प्रस्ताव, तत्काल राहत, एफडी और मासिक सहायता से पीड़ित परिवारों को बड़ी मदद मिलेगी।

Razi Ahmad
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Jharkhand Elephant Attack Compensation: झारखंड में मानव-वन्यजीव संघर्ष से प्रभावित परिवारों को राहत देने के लिए सरकार बड़ा कदम उठाने जा रही है। वन विभाग ने हाथी या अन्य जंगली जानवरों के हमले में मौत होने पर 10 लाख रुपये तक मुआवजा देने का प्रस्ताव तैयार किया है। इसे मंजूरी के लिए मंत्री और कैबिनेट के पास भेजा गया है।

अभी कितना मिलता है?

फिलहाल राज्य में ऐसी घटनाओं में 4 लाख रुपये मुआवजा दिया जाता है। बढ़ती घटनाओं और जनप्रतिनिधियों की मांग को देखते हुए इस राशि को बढ़ाने की तैयारी की गई है।

नई व्यवस्था में क्या मिलेगा?

प्रस्ताव के अनुसार प्रभावित परिवार को चरणबद्ध तरीके से सहायता दी जाएगी—

कुछ घंटों के भीतर: 1 लाख रुपये तत्काल सहायता
15 दिनों के अंदर: 4 लाख रुपये अतिरिक्त फिक्स डिपॉजिट: 5 लाख रुपये परिवार के नाम पर जमा
मासिक सहायता: 3 साल तक हर महीने ₹2000

इस तरह कुल सहायता 10 लाख रुपये तक पहुंच जाएगी, जिससे परिवार को तत्काल और दीर्घकालिक दोनों तरह की आर्थिक मदद मिल सकेगी।

क्यों लिया गया फैसला?

राज्य में खासकर वन क्षेत्रों और ग्रामीण इलाकों में हाथी-मानव टकराव के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। इसी को देखते हुए हेमंत सोरेन ने भी बजट सत्र के दौरान मुआवजा बढ़ाने के संकेत दिए थे।

अन्य राज्यों से तुलना

देश के कई राज्यों में पहले से ही ज्यादा मुआवजा दिया जा रहा है—

* कर्नाटक और महाराष्ट्र: 20 लाख रुपये तक
* केरल: 14 लाख रुपये
* उत्तराखंड और तमिलनाडु: 10 लाख रुपये

ऐसे में झारखंड भी अब पीड़ित परिवारों को बेहतर आर्थिक सुरक्षा देने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।

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रजी अहमद एक उभरते हुए कंटेंट राइटर हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में लगभग दो वर्षों का अनुभव है। उन्होंने न्यूज़ अरोमा में काम करते हुए विभिन्न विषयों पर लेखन किया और अपनी लेखन शैली को मजबूत बनाया। अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने कंटेंट राइटिंग, न्यूज़ लेखन और मीडिया से जुड़े विभिन्न पहलुओं में अच्छा अनुभव हासिल किया। वह लगातार सीखते हुए अपने करियर को आगे बढ़ा रहे हैं।