झारखंड में परीक्षा को लेकर बड़ा एक्शन! चप्पे-चप्पे पर पहरा, CCTV से साइबर सेल तक अलर्ट

झारखंड में परीक्षाओं को कदाचारमुक्त और पारदर्शी बनाने के लिए प्रशासन ने कमर कस ली है। अब चप्पे-चप्पे पर पहरा, सीसीटीवी और साइबर सेल से कड़ी निगरानी रखी जाएगी।

Razi Ahmad
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Jharkhand Exams : झारखंड में परीक्षाओं को निष्पक्ष और कदाचारमुक्त बनाने के लिए प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की तैयारी की है। परीक्षा केंद्रों से लेकर प्रश्नपत्रों की सुरक्षा तक, हर स्तर पर निगरानी रखी जाएगी। पुलिस और मजिस्ट्रेट की तैनाती के साथ-साथ सीसीटीवी कैमरों और साइबर सेल की मदद से भी परीक्षा प्रक्रिया पर नजर रखने की व्यवस्था की जा रही है।

प्रश्नपत्रों की सुरक्षा के लिए 24 घंटे निगरानी

परीक्षा से जुड़ी गोपनीय सामग्री को सुरक्षित रखने के लिए कोषागार और उपकोषागार में विशेष व्यवस्था की जाएगी। यहां सीसीटीवी कैमरों के जरिए 24 घंटे निगरानी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। प्रश्नपत्रों को सुरक्षित स्थान से परीक्षा केंद्र तक पहुंचाने के दौरान निर्धारित प्रक्रियाओं का पालन करना भी अनिवार्य होगा।

परीक्षा केंद्रों पर तैनात रहेंगे पुलिसकर्मी और मजिस्ट्रेट

परीक्षा के दौरान किसी भी तरह की गड़बड़ी रोकने के लिए स्टैटिक मजिस्ट्रेट, पुलिस पदाधिकारी और पेट्रोलिंग मजिस्ट्रेट की तैनाती की जाएगी। केंद्राधीक्षकों को भी परीक्षा के सुचारु संचालन और अनुशासन बनाए रखने की जिम्मेदारी दी जाएगी। जिला प्रशासन परीक्षा की तैयारी से लेकर उसके समापन तक सुरक्षा व्यवस्था पर नजर रखेगा।

सोशल मीडिया पर अफवाह फैलाने वालों पर भी नजर

इस बार निगरानी केवल परीक्षा केंद्रों तक सीमित नहीं रहेगी। परीक्षा के दौरान सोशल मीडिया पर भ्रामक खबरें फैलाने या साइबर माध्यमों से परीक्षा प्रक्रिया को प्रभावित करने की कोशिशों पर भी नजर रखी जाएगी। इसके लिए जिला स्तर पर साइबर सेल गठित करने की व्यवस्था की जाएगी, जो संदिग्ध गतिविधियों पर संज्ञान लेकर आवश्यक कार्रवाई कर सकेगा।

हर जिले में बनेगा कंट्रोल रूम

परीक्षा के दौरान किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए हर जिले में कंट्रोल रूम स्थापित किया जाएगा। इसके साथ ही आपातकालीन संपर्क नंबर भी जारी किए जाएंगे, ताकि किसी समस्या की सूचना मिलने पर संबंधित अधिकारी तुरंत कार्रवाई कर सकें।

उपायुक्तों की होगी अहम भूमिका

जिले के उपायुक्त जिला परीक्षा नियंत्रक के रूप में विभिन्न विभागों के बीच समन्वय स्थापित करेंगे। परीक्षा की गोपनीयता बनाए रखने, सुरक्षा व्यवस्था संभालने और कानून-व्यवस्था सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी भी उन्हीं के नेतृत्व में निभाई जाएगी।

अब सवाल यह है कि पुलिस, मजिस्ट्रेट, सीसीटीवी और साइबर निगरानी की इस व्यवस्था से झारखंड में परीक्षाओं को कितना पारदर्शी और कदाचारमुक्त बनाया जा सकेगा? इसका वास्तविक असर परीक्षा के संचालन और निगरानी व्यवस्था पर निर्भर करेगा।

  • नोट: उपलब्ध जानकारी में परीक्षा का नाम, आदेश जारी करने वाले प्राधिकारी और आदेश की तारीख स्पष्ट नहीं है। प्रकाशन से पहले इन विवरणों की पुष्टि कर लें।
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रजी अहमद एक उभरते हुए कंटेंट राइटर हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में लगभग दो वर्षों का अनुभव है। उन्होंने न्यूज़ अरोमा में काम करते हुए विभिन्न विषयों पर लेखन किया और अपनी लेखन शैली को मजबूत बनाया। अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने कंटेंट राइटिंग, न्यूज़ लेखन और मीडिया से जुड़े विभिन्न पहलुओं में अच्छा अनुभव हासिल किया। वह लगातार सीखते हुए अपने करियर को आगे बढ़ा रहे हैं।