नियमों की अनदेखी और फर्जी डिग्री बांटने के आरोप में सरकार कर सकती है राधागोविंद विश्वविद्यालय की मान्यता रद्द, जानें क्या है पूरा मामला

झारखंड सरकार राधागोविंद विश्वविद्यालय की मान्यता रद्द करने पर विचार कर रही है। जांच समिति ने फर्जी डिग्री और नियमों की अनदेखी समेत कई गंभीर अनियमितताओं का खुलासा किया।

1 Min Read
WhatsApp Group Join Now
Instagram Follow Now

रांची: झारखंड सरकार नियमों की अनदेखी और फर्जी डिग्री बांटने के आरोपों के कारण राधागोविंद विश्वविद्यालय की मान्यता रद्द कर सकती है। जांच के लिए गठित तीन सदस्यीय उच्च स्तरीय कमेटी ने अपनी रिपोर्ट उच्च शिक्षा मंत्री को सौंप दी है, जिसमें विश्वविद्यालय पर कई गंभीर आरोप सिद्ध पाए गए हैं। समिति की जांच रिपोर्ट में छात्रों को अनुचित तरीके से पास कराने और फर्जी डिग्रियां बांटने के स्पष्ट प्रमाण मिले हैं। एक ही विश्वविद्यालय से महिला पर्यवेक्षिका परीक्षा में एक साथ 33 अभ्यर्थियों के सफल होने के बाद विश्वविद्यालय संदेह के घेरे में आया था। इसके बाद विभाग ने मामले की जांच के निर्देश दिए थे।

रिपोर्ट में रजिस्ट्रार समेत कई अन्य पदाधिकारियों की भूमिका पर भी सवाल उठाए गए हैं। इस रिपोर्ट के आधार पर राज्य सरकार विश्वविद्यालय की मान्यता रद्द करने और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई करने पर जल्द निर्णय ले सकती है। उच्च शिक्षा विभाग राज्य के कुछ अन्य निजी विश्वविद्यालयों में चल रही अनियमितताओं पर भी शिकंजा कसने की तैयारी कर रहा है, जिनकी रिपोर्ट जल्द सामने आ सकती है।

Share This Article
विनीता चौबे को 10 साल का अनुभव है। उन्होनें सन्मार्ग से पत्रकारिता की शुरुआत की थी। फिर न्यूज विंग, बाइस स्कोप, द न्यूज पोस्ट में भी काम किया। वे राजनीति, अपराध, सामाजिक मुद्दों और स्थानीय घटनाओं से जुड़ी खबरों को सरल और तथ्यात्मक भाषा में पाठकों तक पहुंचाने के लिए जानी जाती हैं। पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय रहते हुए उनका प्रयास रहता है कि जमीनी स्तर की महत्वपूर्ण खबरों को सही और विश्वसनीय जानकारी के साथ लोगों तक पहुंचाया जाए।