झारखंड हाई कोर्ट ने भवनों को तोड़ने पर लगाई रोक

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रांची: झारखंड हाई कोर्ट (Jharkhand High Court) के चीफ जस्टिस डॉ रविरंजन और जस्टिस सुजित नारायण प्रसाद की खंडपीठ में बुधवार को देवघर एयरपोर्ट के मामले (Deoghar airport matters) पर दायर याचिका पर सुनवाई हुई।

सुनवाई के दौरान अदालत ने केंद्र सरकार के जवाब पर राज्य सरकार से जवाब मांगा है। इसके साथ अदालत ने एयरपोर्ट के आस-पास की बिल्डिंग को तोड़ने पर फिलहाल रोक लगाने का आदेश दिया है।

अब इस मामले में 11 नवंबर को सुनवाई होगी। सुनवाई के दौरान निशिकांत दुबे की ओर से अधिवक्ता दिवाकर उपाध्याय ने पक्ष रखा।

इस मामले में गोड्डा सांसद निशिकांत दुबे (Nishikant Dubey) ने हाई कोर्ट में अवमानना वाद दाखिल की है। इसमें उन्होंने देवघर एयरपोर्ट पर रात्रि विमान सेवा को जल्द शुरू करने की मांग की है।

विमान सेवा का लाभ लेने में लोगों को हो रही है परेशानी

याचिका में उन्होंने कहा है कि झारखंड हाई कोर्ट ने वर्ष 2013 के एक PIL की सुनवाई के दौरान तत्कालीन अधिकारियों द्वारा दिए गए हलफनामे को देखते हुए याचिका निष्पादित की थी लेकिन हाई कोर्ट (High Court) के आदेश का अनुपालन नहीं किया गया।

कई वर्ष बीत जाने के बाद भी देवघर एयरपोर्ट (Deoghar Airport) पर अब तक सुचारु रूप से उड़ानें शुरू नहीं हुई हैं।

याचिका में यह भी कहा गया है कि कुछ उड़ान कंपनियां वहां से अपनी सेवा शुरू करने में दिलचस्पी दिखा रही हैं, लेकिन एयरपोर्ट पूरी तरह से फंक्शनल नहीं होने के कारण यहां से उड़ानें शुरू नहीं की जा रही हैं।

इससे संथाल के लोगों को विमान सेवा (Airline) का लाभ लेने में परेशानी हो रही है।

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