प्रकृति के प्रति कृतज्ञता का प्रतीक है सरहुल पर्व : अर्जुन मुंडा

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जमशेदपुर : पूर्व केंद्रीय मंत्री अर्जुन मुंडा के घोड़ाबांधा स्थित आवास पर आदिम मानकी मुंडा माहाल विकास समिति, दामपाड़ा और आदिवासी मुंडा समाज विकास समिति, घाटशिला के प्रतिनिधियों ने मुलाकात की। इस भेंट के दौरान सभी ने प्रकृति, परंपरा और सामुदायिक एकता के प्रतीक प्राकृतिक पर्व सरहुल के पावन अवसर पर अर्जुन मुंडा को आमंत्रित किया।

इस मौके पर पत्रकारों से बात करते हुए अर्जुन मुंडा ने कहा कि हमारी आदिवासी संस्कृति प्रकृति के साथ सहअस्तित्व, सामूहिकता और आपसी भाईचारे का अद्भुत संदेश देती है। सरहुल केवल एक पर्व नहीं, बल्कि हमारी जड़ों, हमारी पहचान और प्रकृति के प्रति कृतज्ञता का प्रतीक है।

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विनीता चौबे को 10 साल का अनुभव है। उन्होनें सन्मार्ग से पत्रकारिता की शुरुआत की थी। फिर न्यूज विंग, बाइस स्कोप, द न्यूज पोस्ट में भी काम किया। वे राजनीति, अपराध, सामाजिक मुद्दों और स्थानीय घटनाओं से जुड़ी खबरों को सरल और तथ्यात्मक भाषा में पाठकों तक पहुंचाने के लिए जानी जाती हैं। पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय रहते हुए उनका प्रयास रहता है कि जमीनी स्तर की महत्वपूर्ण खबरों को सही और विश्वसनीय जानकारी के साथ लोगों तक पहुंचाया जाए।