

रांची : छात्र नेता और एआईएसएफ के प्रदेश सह सचिव अफजल दुर्रानी ने झारखंड के कृषि, पशुपालन व सहकारिता विभाग के अधीनस्थ उद्यान विभाग में व्यापक पैमाने पर वित्तीय अनियमितता के आरोप लगाए हैं।





उन्होंने गुरुवार को एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर आरोप लगाया है कि हॉर्टिकल्चर (उद्यान) विभाग में पॉलीहाउस, शेडनेट हाउस एवं अन्य संरक्षित संरचनाओं के नाम पर अनियमितताएं बरती गई है। विभाग द्वारा एक चहेते कंपनी को लाभ पहुंचाने के लिए नियम विरुद्ध कार्य किया है। उन्होंने पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच की मांग की है।
श्री दुर्रानी ने कहा कि पिछले कई वर्षों से पॉलीहाउस और संरक्षित खेती के नाम पर सरकारी धन के इस्तेमाल में पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। उन्होंने उपलब्ध सरकारी दस्तावेजों, आरएफपी और विभागीय आदेशों का हवाला देते हुए पूरे मामले की जांच की मांग की है।
अफजल दुर्रानी ने कहा कि सरकारी योजनाओं का लाभ किसानों और स्थानीय उद्यमियों को मिलना चाहिए, न कि किसी एक कंपनी या चुनिंदा लोगों को। पूरे मामले में पारदर्शिता सुनिश्चित करना सरकार की जिम्मेदारी है।
यदि इन सवालों पर सरकार और विभाग ने संतोषजनक कार्रवाई नहीं की, तो किसानों और स्थानीय उद्यमियों के साथ मिलकर आंदोलन किया जाएगा।
