
रांची : तमाड़ तहसील का एक छोटा-सा गांव भिटुडीह आज पूरे देश में चर्चा का विषय बना हुआ है। इस गांव के होनहार बेटे किशन कुमार ने UPSC NDA II 2025 की परीक्षा में ऑल इंडिया रैंक 42 हासिल कर न सिर्फ अपने माता-पिता बल्कि पूरे झारखंड का सिर गर्व से ऊंचा कर दिया है।
सपने से हकीकत तक का सफर
किशन का जन्म 2008 में हुआ। पिता गोवर्धन महतो भारतीय सेना के बिहार रेजिमेंट से सेवानिवृत्त हैं और वर्तमान में स्टेशन मास्टर के पद पर कार्यरत हैं। माता शर्मिला महतो एक शिक्षित गृहिणी हैं। बड़े पापा नरेन्द्र महतो प्रधानाध्यापक हैं। देशसेवा का जज्बा किशन को विरासत में मिला। पढ़ाई की शुरुआत सिंबायोसिस पब्लिक स्कूल बुंडू और Bishop Westcott Boys School, नामकुम से हुई। 2021 में देश के प्रतिष्ठित RIMC – राष्ट्रीय इंडियन मिलिट्री कॉलेज, देहरादून में दाखिला लिया। वर्तमान में वहीं से 12वीं कर रहे हैं। RIMC देहरादून से इस बार AIR-1 सहित कुल 12 अभ्यर्थी NDA में सफल हुए हैं।
पहले ही प्रयास में बड़ी कामयाबी
किशन ने 14 सितंबर 2025 को हुई एनडीए की लिखित परीक्षा और जनवरी 2026 में हुए एसएसबी इंटरव्यू दोनों को पहले ही प्रयास में पास किया। SSB को सबसे कठिन माना जाता है जहाँ ऑफिसर लाइक क्वालिटी, मानसिक क्षमता, ग्रुप डिस्कशन, कमांड टास्क और पर्सनैलिटी का टेस्ट होता है। किशन ने हर चरण में शानदार प्रदर्शन किया और झारखंड से प्रथम स्थान हासिल किया।
गांव में जश्न, पिता हुए भावुक
किशन की सफलता की खबर मिलते ही पूरे भिटुडीह गांव में जश्न का माहौल है। पिता गोवर्धन महतो खुशी से भावुक हो गए। उन्होंने कहा कि बेटे ने वो कर दिखाया जिसका सपना लाखों युवा देखते हैं। गांव के लोग मिठाई बांटकर और ढोल-नगाड़ों के साथ खुशी मना रहे हैं। किशन की कहानी बताती है कि छोटे गांव से भी बड़े सपने पूरे किए जा सकते हैं। अनुशासन, मेहनत और सही मार्गदर्शन से यूपीएससी जैसी कठिन परीक्षा भी पहले प्रयास में क्रैक की जा सकती है।

