झारखंड के सरकारी मेडिकल कॉलेजों में सह-प्राध्यापक के 65 पदों पर होगी संविदा आधारित नियुक्ति, आज वॉक-इन इंटरव्यू

झारखंड के सरकारी मेडिकल कॉलेजों में शिक्षकों की कमी दूर करने के लिए एसोसिएट प्रोफेसर के 65 पदों पर संविदा नियुक्ति शुरू हुई है। रिम्स में वॉक-इन इंटरव्यू आयोजित किया गया।

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रांची: झारखंड के सरकारी चिकित्सा महाविद्यालयों में शैक्षणिक संवर्ग की कमी को दूर करने के लिए स्वास्थ्य विभाग की ओर से सह-प्राध्यापक (एसोसिएट प्रोफेसर) के 65 रिक्त पदों पर संविदा के आधार पर नियुक्ति की प्रक्रिया शुरू की गई है। इन कुल 65 पदों में 12 पद बैकलॉग के भी शामिल हैं। इन पदों पर चयन के लिए सोमवार को रिम्स के प्रशासनिक भवन में ‘वॉक-इन इंटरव्यू’ आयोजित किया गया है।

चिकित्सा शिक्षा निदेशक सह क्रिटिकल केयर (रिम्स) के एचओडी डॉ. प्रदीप कुमार भट्टाचार्या के अनुसार, ये नियुक्तियां राज्य के विभिन्न प्रमुख मेडिकल कॉलेजो एसएनएमएमसीएच धनबाद, एमजीएम मेडिकल कॉलेज जमशेदपुर, फूलो झानो मेडिकल कॉलेज दुमका, मेदिनीराय मेडिकल कॉलेज पलामू और शेख भिखारी मेडिकल कॉलेज हजारीबाग के लिए की जा रही हैं।

विभागीय विवरण के तहत सबसे अधिक 9 पद मेडिसिन विभाग में हैं। इसके अतिरिक्त एनेस्थेसिया में 7, रेडियोलॉजी में 6, आई व रेडियोथेरेपी में 5-5, एनाटॉमी, नेत्र, निश्चेतना व पैथोलॉजी में 4-4, और सर्जरी तथा चर्म एवं रति रोग में 3-3 पद रिक्त हैं। फिजियोलॉजी, ऑर्थोपेडिक्स, ईएनटी, पीएसएम, साइकेट्री, डेंटल व फिजिकल मेडिसिन एंड रिहैबिलिटेशन में 2-2 पद हैं। वहीं बायोकेमिस्ट्री, शिशु रोग, स्त्री रोग, माइक्रोबायोलॉजी, फार्माकोलॉजी तथा टीबी एवं चेस्ट में 1-1 पद पर बहाली होगी। आरक्षण श्रेणी के तहत कुल 53 नियमित पदों में 35 पद अनारक्षित, 9 एसटी, 4 एससी, 4 बीसी-1 और 1 ईडब्ल्यूएस के लिए निर्धारित है। बैकलॉग के 12 पदों में 3 एसटी, 4 एससी, 4 बीसी-1 और 1 पद बीसी-2 के लिए आरक्षित है।

इस नियुक्ति प्रक्रिया में सभी वर्गों के अभ्यर्थियों के लिए अधिकतम आयु सीमा 70 वर्ष तय की गई है। संविदा नियुक्ति की अवधि शुरुआत में अधिकतम दो वर्षों के लिए होगी। इसके बाद कार्य एवं व्यवहार का मूल्यांकन संतोषजनक पाए जाने पर विभाग की सहमति से सेवा विस्तार एक-एक वर्ष के लिए आगे बढ़ाया जा सकेगा।

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विनीता चौबे को 10 साल का अनुभव है। उन्होनें सन्मार्ग से पत्रकारिता की शुरुआत की थी। फिर न्यूज विंग, बाइस स्कोप, द न्यूज पोस्ट में भी काम किया। वे राजनीति, अपराध, सामाजिक मुद्दों और स्थानीय घटनाओं से जुड़ी खबरों को सरल और तथ्यात्मक भाषा में पाठकों तक पहुंचाने के लिए जानी जाती हैं। पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय रहते हुए उनका प्रयास रहता है कि जमीनी स्तर की महत्वपूर्ण खबरों को सही और विश्वसनीय जानकारी के साथ लोगों तक पहुंचाया जाए।