निशा भगत मामले में बाबूलाल मरांडी का सरकार पर हमला, पिठोरिया के दारोगा और अजय तिर्की की गिरफ्तारी की मांग

आदिवासी सामाजिक कार्यकर्ता निशा भगत की मौत पर झारखंड की सियासत गरमाई, बाबूलाल मरांडी ने CBI जांच और पिठोरिया थाना के दारोगा व अजय तिर्की की गिरफ्तारी की मांग की।

Razi Ahmad
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रांची : आदिवासी सामाजिक कार्यकर्ता निशा भगत की मौत के बाद झारखंड की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। इस मामले को लेकर नेता प्रतिपक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी ने राज्य सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने निशा भगत की मौत से जुड़ी परिस्थितियों की निष्पक्ष जांच कराने, पूरे प्रकरण की जिम्मेदारी तय करने और पिठोरिया थाना के दारोगा समेत अजय तिर्की की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की है। इसके साथ ही उन्होंने मामले की जांच केंद्रीय जांच एजेंसी (CBI) से कराने की मांग भी उठाई है।

आदिवासी समाज की आवाज को न्याय मिलना जरूरी : मरांडी

बाबूलाल मरांडी ने कहा कि निशा भगत आदिवासी समाज के हक और अधिकारों के लिए लगातार आवाज उठा रही थीं। उनका इस तरह दुनिया से चले जाना बेहद दुखद है। उन्होंने कहा कि आखिर किन परिस्थितियों में निशा भगत को इतना मानसिक दबाव झेलना पड़ा, इसकी गहराई से जांच होनी चाहिए। उनके अनुसार, यह मामला केवल एक महिला की मौत तक सीमित नहीं है, बल्कि आदिवासी समाज के अधिकारों और सुरक्षा से भी जुड़ा हुआ है।

जमीन विवाद और दलालों के प्रभाव पर उठाए सवाल

मरांडी ने राज्य में आदिवासियों की जमीन से जुड़े विवादों का मुद्दा उठाते हुए आरोप लगाया कि जमीन दलालों को राजनीतिक संरक्षण मिल रहा है। उन्होंने कहा कि कई जगहों पर आदिवासी परिवार अपनी जमीन और अधिकारों की रक्षा के लिए संघर्ष कर रहे हैं, लेकिन शिकायतों पर अपेक्षित कार्रवाई नहीं हो रही है।

उन्होंने अजय तिर्की का नाम लेते हुए कहा कि ऐसे लोगों के खिलाफ लगे आरोपों की गंभीरता से जांच होनी चाहिए और यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाए।

फेसबुक लाइव को जांच का अहम हिस्सा बनाने की मांग

नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि निशा भगत ने अपनी मौत से पहले फेसबुक लाइव के जरिए अपनी परेशानी और व्यवस्था के प्रति नाराजगी जाहिर की थी। उनके वीडियो में सामने आए आरोपों और सवालों को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।

मरांडी ने मांग की कि फेसबुक लाइव की रिकॉर्डिंग, पुलिस को दी गई शिकायतों और घटना से पहले की परिस्थितियों समेत सभी महत्वपूर्ण साक्ष्यों की जांच की जाए, ताकि पूरे मामले की वास्तविकता सामने आ सके।

दारोगा और अजय तिर्की की गिरफ्तारी के साथ CBI जांच की मांग

बाबूलाल मरांडी ने पिठोरिया थाने के दारोगा और अजय तिर्की की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की है। उन्होंने कहा कि मामले की जांच ऐसी स्वतंत्र एजेंसी से होनी चाहिए, जिस पर किसी तरह के राजनीतिक या प्रशासनिक दबाव का प्रभाव न पड़े। इसी वजह से उन्होंने CBI जांच की मांग दोहराई।

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन पर भी साधा निशाना

मरांडी ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की सरकार पर कानून-व्यवस्था को लेकर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि यदि सरकार राज्य में कानून-व्यवस्था बनाए रखने में सक्षम नहीं है, तो मुख्यमंत्री को पद छोड़ने पर विचार करना चाहिए। उन्होंने निशा भगत को न्याय दिलाने के लिए आंदोलन जारी रखने का भी आह्वान किया।

जांच के बाद ही स्पष्ट होगी जिम्मेदारी

निशा भगत की मौत के बाद राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। विपक्ष लगातार निष्पक्ष जांच, CBI जांच और आरोपों में नामित लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहा है। हालांकि, बाबूलाल मरांडी द्वारा लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी। मामले में किसकी क्या भूमिका रही और किन परिस्थितियों में यह दुखद घटना हुई, इसका खुलासा जांच के निष्कर्ष सामने आने के बाद ही होगा।

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रजी अहमद एक उभरते हुए कंटेंट राइटर हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में लगभग दो वर्षों का अनुभव है। उन्होंने न्यूज़ अरोमा में काम करते हुए विभिन्न विषयों पर लेखन किया और अपनी लेखन शैली को मजबूत बनाया। अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने कंटेंट राइटिंग, न्यूज़ लेखन और मीडिया से जुड़े विभिन्न पहलुओं में अच्छा अनुभव हासिल किया। वह लगातार सीखते हुए अपने करियर को आगे बढ़ा रहे हैं।