रांची : निशा भगत की आत्महत्या पर आजसू के केंद्रीय मुख्य प्रवक्ता डॉ देवशरण भगत ने सवाल उठाया है। उन्होंने शुक्रवार को कहा कि निशा भगत की मौत झारखंड की शासन-व्यवस्था पर गंभीर सवाल है। आदिवासी समाज को न्याय और सुरक्षा देना सरकार की जवाबदेही है। जनजातीय समाज के हक-अधिकारों और जमीन की लड़ाई लड़ने वाली युवा नेत्री निशा भगत के असामयिक निधन की खबर अत्यंत पीड़ादायक और दुखद है। इस दुख की घड़ी में उनके परिजनों, शुभचिंतकों और पूरे आदिवासी समाज के प्रति गहरी शोक संवेदना व्यक्त करता हूं। उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं। यह घटना केवल एक व्यक्तिगत त्रासदी नहीं, बल्कि झारखंड में आदिवासियों की जमीन, अस्मिता, सम्मान और सुरक्षा से जुड़े गंभीर सवालों को सामने लाती है। राज्य में जमीन की लूट, अवैध कब्जे और न्याय के लिए भटकते आदिवासी परिवारों की शिकायतें लगातार सामने आ रही हैं। जिस झारखंड का निर्माण जल, जंगल, जमीन और आदिवासी अधिकारों की रक्षा के संकल्प के साथ हुआ, वहां आदिवासी समाज अपनी ही जमीन पर असुरक्षित क्यों है? सरकार को इस पूरे प्रकरण में जवाबदेही सुनिश्चित करनी होगी। निष्पक्ष जांच हो, जिम्मेदार लोगों की भूमिका तय हो और दोषियों पर कठोर कानूनी कार्रवाई हो। साथ ही ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए ठोस व्यवस्था बनाई जाए। निशा भगत को न्याय मिलना चाहिए। आदिवासियों की जमीन, सम्मान और अधिकारों की रक्षा केवल राजनीतिक नारों से नहीं, बल्कि सरकार की ठोस कार्रवाई और जवाबदेही से होगी।

ईश्वर दिवंगत आत्मा को शांति प्रदान करें तथा शोकाकुल परिवार को इस अपार दुख को सहने की शक्ति दें।



