मुंबई: वैश्विक बाजारों में भारी गिरावट के बावजूद घरेलू शेयर बाजारों में तेजी का सिलसिला शुक्रवार को लगातार सातवें कारोबारी सत्र में जारी रहा। विदेशी निवेशकों की लगातार लिवाली और कच्चे तेल की कीमतों में नरमी से मजबूत हुई निवेशक धारणा के बीच सेंसेक्स 1,718 अंक उछल गया, जबकि निफ्टी फिर से 25,000 अंक के पार पहुंच गया।

विश्लेषकों के मुताबिक, दूसरी तिमाही में कंपनियों के बेहतर वित्तीय नतीजों और रुपये में मजबूती से भी बाजार की धारणा को समर्थन मिला। इसके साथ ही शेयर बाजार में दिवाली का त्योहारी उत्साह भी बना हुआ है।

बीएसई का 30 शेयरों पर आधारित मानक सूचकांक सेंसेक्स 1,718.01 अंक यानी 2.17 प्रतिशत चढ़कर दिन के उच्चतम स्तर 81,028.02 अंक पर बंद हुआ।
एनएसई का 50 शेयरों वाला मानक सूचकांक निफ्टी भी 493.75 अंक यानी 2.01 प्रतिशत की तगड़ी बढ़त के साथ दिन के उच्चतम स्तर 25,030.35 अंक पर बंद हुआ। यह निफ्टी का नौ महीनों का सबसे ऊंचा स्तर है।
सेंसेक्स की कंपनियों में महिंद्रा एंड महिंद्रा का शेयर सबसे अधिक 6.15 प्रतिशत चढ़ा। कंपनी ने एक दिन पहले कहा था कि सितंबर तिमाही में उसका एकीकृत शुद्ध लाभ 25 प्रतिशत बढ़कर 4,587.88 करोड़ रुपये रहा। वाहन कारोबार में मजबूत राजस्व वृद्धि से कंपनी के लाभ को समर्थन मिला।
इसके अलावा आईसीआईसीआई बैंक, एचडीएफसी बैंक, टाइटन, एक्सिस बैंक और कोटक महिंद्रा बैंक के शेयरों में भी बढ़त रही।
चौतरफा तेजी के बीच सेंसेक्स के समूह में शामिल 30 कंपनियों में से केवल पावर ग्रिड का शेयर ही गिरावट में रहा।
पिछले लगातार सात कारोबारी सत्रों में सेंसेक्स 7,781.99 अंक यानी 10.62 प्रतिशत चढ़ चुका है, जबकि निफ्टी में 2,331.5 अंक यानी 10.27 प्रतिशत की तेजी आई है।
बृहस्पतिवार को सेंसेक्स 2,008.61 अंक यानी 2.60 प्रतिशत उछलकर 79,310.01 अंक पर बंद हुआ था। निफ्टी भी 576 अंक यानी 2.40 प्रतिशत की बढ़त के साथ 24,536.60 अंक पर बंद हुआ था।
ऑनलाइन ट्रेडिंग मंच एनरिच मनी के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) पोनमुडी आर. ने कहा, “वैश्विक बाजारों में प्रौद्योगिकी शेयरों की बिकवाली के बावजूद भारतीय शेयर बाजार लगातार सातवें सत्र में बढ़त के साथ बंद हुए। हालांकि, तेजी मुख्य रूप से बड़ी कंपनियों के शेयरों और बैंकिंग एवं वित्तीय सेवा क्षेत्र तक सीमित रही।”
व्यापक बाजार में मझोली कंपनियों का बीएसई मिडकैप सेलेक्ट सूचकांक 0.23 प्रतिशत चढ़कर बंद हुआ जबकि छोटी कंपनियों के स्मालकैप सेलेक्ट सूचकांक में 0.92 प्रतिशत की गिरावट आई।
इस कारोबारी सप्ताह में बीएसई सेंसेक्स ने 6,568.49 अंक यानी 8.82 प्रतिशत की जोरदार बढ़त दर्ज की जबकि एनएसई निफ्टी ने कुल 1,977.25 अंक यानी 8.57 प्रतिशत की छलांग लगाई।
वैश्विक तेल मानक ब्रेंट क्रूड का भाव 1.50 प्रतिशत गिरकर 96.82 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया।
शेयर बाजार के आंकड़ों के मुताबिक, विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) ने बृहस्पतिवार को 14,974.68 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे।
एशिया के अन्य बाजारों में दक्षिण कोरिया का कॉस्पी 6.02 प्रतिशत और जापान का निक्की सूचकांक 5.96 प्रतिशत टूट गया। चीन का शंघाई कंपोजिट और हांगकांग का हैंग सेंग सूचकांक भी एक प्रतिशत से अधिक गिरावट के साथ बंद हुए।
यूरोप के बाजार भी गिरावट के साथ कारोबार कर रहे थे। अमेरिकी शेयर बाजार बृहस्पतिवार को भारी गिरावट के साथ बंद हुए थे। नैस्डैक कंपोजिट 5.52 प्रतिशत, एसएंडपी 500 सूचकांक 4.36 प्रतिशत और डाउ जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज 3.44 प्रतिशत गिरकर बंद हुआ था।
जियोजित इन्वेस्टमेंट्स लिमिटेड के शोध प्रमुख विनोद नायर ने कहा, ”विदेशी बाजारों में उथल-पुथल के बीच निवेशकों ने घरेलू बाजार को तुलनात्मक रूप से सुरक्षित ठिकाना माना, जिससे भारतीय शेयर बाजारों में तेजी जारी रही।”
उन्होंने कहा कि अमेरिकी बाजारों में प्रौद्योगिकी कंपनियों के शेयरों में भारी बिकवाली रही। निवेशक डेमोक्रेट्स के अमेरिकी शासन में आने पर नियमन सख्त होने की आशंका का आकलन कर रहे थे।


