Latest NewsझारखंडJMM से नाता तोड़ने के बाद चंपाई सोरेन पर चढ़ा भगवा रंग...

JMM से नाता तोड़ने के बाद चंपाई सोरेन पर चढ़ा भगवा रंग का खुमार, BJP में शामिल होंगे चंपाई सोरेन!

Published on

spot_img
spot_img
spot_img

Champai Soren will join BJP! : झारखंड विधानसभा चुनाव से पहले झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) को तगड़ा झटका लगता हुआ नजर आ रहा है। दरअसल सत्तारूढ़ पार्टी के नेता सोनाराम बोदरा ने पूर्व मुख्यमंत्री चंपाई सोरेन के साथ चलने का ऐलान कर दिया है।

वहीं दूसरी ओर झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री चंपाई सोरेन (Champai Soren) पर अब भगवा रंग का खुमार चढ़ता नजर आ रहा है। झारखंड की राजनीति में नया अध्याय लिखने चले चंपाई सोरेन के कटआउट का Background अब हरे रंग से बदलकर नारंगी हो गया है।

गौरतलब है कि झारखंड मुक्ति मोर्चा को अलविदा कहने के बाद चंपाई सोरेन कोल्होन के दौरे पर हैं। इसी कड़ी में वह शनिवार को सरायकेला पहुंचे। जहां उनके समर्थकों ने रास्ते भर में उनका जोरदार स्वागत किया साथ ही जमकर आतिशबाजियां भी की गई।

हरे रंग की बजाय हर जगह नजर आया भगवा रंग

वहीं चंपाई सोरेन के कटआउट का बैकग्राउंड बदल गया है। पहली बार यहां चंपाई सोरेन के कटआउट का बैकग्राउंड हरा की बजाय भगवा रंग का है। होर्डिंग्स भी भगवा रंग के ही हैं। होर्डिंग्स में सिर्फ चंपाई सोरेन जिंदाबाद लिखा है। Cut Out लगाने वाले का नाम नहीं है। सरायकेला के टाउन हॉल में आयोजित कार्यक्रम में भी चंपाई सोरेन के कटआउट का बैकग्राउंड भगवा ही था।

इतना ही नहीं यहां बने फाउंटेन (फव्वारे) से जो पानी निकल रहा था, उसका भी रंग भगवा हो गया। झारखंड आंदोलनकारी और लंबे समय तक झामुमो के सिपाही रहे चंपाई सोरेन के कार्यक्रम में भगवा रंग देखकर सभी चकित हैं। चारों ओर इसकी चर्चा हो रही है। लोगों में चर्चा इस बात की है कि चंपाई दादा भाजपा के साथ जाएंगे या नहीं।

अब नया अध्याय लिखेंगे चंपाई सोरेन

चंपाई सोरेन से जब पूछा गया कि वह भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) में शामिल होंगे, तो वह इस सवाल को बड़ी चतुराई से टाल गए। कहा कि अलग रास्ते पर निकल गए हैं। अब नया अध्याय लिखेंगे। आने वाले दिनों में नया संगठन बनायेंगे या फिर अच्छा दोस्त मिला, तो उसके साथ आगे बढ़ेंगे, जनता की सेवा करेंगे।

चंपाई सोरेन ने कहा कि अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत से ही मैंने उन लोगों के लिए आंदोलन किया, जिनके बदन पर कपड़े और पैरों में चप्पल नहीं थे। इन आंदोलनों की वजह से ही टाटा स्टील एवं यूसिल (UCIL) समेत कई कंपनियों में हजारों लोगों को स्थायी नौकरी मिली।

spot_img

Latest articles

रांची में प्री SA-2 परीक्षा शुरू, 1.65 लाख से अधिक छात्र हुए शामिल

Pre SA-2 exam begins in Ranchi : झारखंड एकेडमिक काउंसिल (Jharkhand Academic Council) की...

रांची में 12–13 फरवरी को होगा CMS वातावरण ट्रैवलिंग फिल्म फेस्टिवल एंड फोरम

CMS Vatavaran Travelling Film Festival and Forum: शहर में पर्यावरण और स्वदेशी ज्ञान को...

रिलोकेशन नोटिस के खिलाफ सड़कों पर उतरे दुकानदार, रिन्यूअल की मांग तेज

Demand for Renewals Picks Up : रांची नगर निगम द्वारा दुकानों को Relocate करने...

रांची विश्वविद्यालय ने BDS द्वितीय वर्ष की प्रायोगिक परीक्षा का कार्यक्रम किया जारी

BDS 2nd Year Practical Exam: रांची विश्वविद्यालय ने BDS द्वितीय वर्ष वार्षिक परीक्षा 2025...

खबरें और भी हैं...

रांची में प्री SA-2 परीक्षा शुरू, 1.65 लाख से अधिक छात्र हुए शामिल

Pre SA-2 exam begins in Ranchi : झारखंड एकेडमिक काउंसिल (Jharkhand Academic Council) की...

रांची में 12–13 फरवरी को होगा CMS वातावरण ट्रैवलिंग फिल्म फेस्टिवल एंड फोरम

CMS Vatavaran Travelling Film Festival and Forum: शहर में पर्यावरण और स्वदेशी ज्ञान को...

रिलोकेशन नोटिस के खिलाफ सड़कों पर उतरे दुकानदार, रिन्यूअल की मांग तेज

Demand for Renewals Picks Up : रांची नगर निगम द्वारा दुकानों को Relocate करने...