
Jharkhand News: झारखंड हाईकोर्ट ने BJP के दिग्गज नेता और राज्यसभा सांसद दीपक प्रकाश को शुक्रवार को जबरदस्त राहत दी है। कोर्ट ने उनके खिलाफ 2020 में दुमका के नगर थाने में दर्ज FIR को पूरी तरह रद्द कर दिया।
ये FIR सरकार गिराने वाले बयान पर बनी थी, जिसमें देशद्रोह जैसे गंभीर इल्जाम लगाए गए थे। अब दीपक प्रकाश के लिए ये पुराना चैप्टर बंद हो गया-BJP वर्कर्स में खुशी की लहर दौड़ गई है!
क्या था पूरा विवाद? एक बयान से शुरू हुई देशद्रोह की FIR
दरअसल, 2020 में दीपक प्रकाश ने एक पब्लिक मीटिंग में कहा था कि “हम सरकार को गिरा देंगे।” ये बयान सुनते ही तत्कालीन कांग्रेस के दुमका जिला अध्यक्ष ने हंगामा खड़ा कर दिया। उन्होंने दुमका के नगर थाने में कांड नंबर 298 दर्ज कराया, जिसमें दीपक पर देशद्रोह (IPC 124A) के अलावा कई IPC धाराओं के तहत केस चला। कांग्रेस ने इसे राजनीतिक हमला बताया था, लेकिन BJP ने हमेशा इसे “साजिश” करार दिया।
दीपक प्रकाश ने इस FIR के खिलाफ झारखंड हाईकोर्ट में क्वैशिंग पिटिशन दाखिल की। सुनवाई जस्टिस अनिल कुमार चौधरी की बेंच में हुई। उनके वकील इंद्रजीत सिन्हा और सागर कुमार ने जोरदार बहस की – तर्क दिया कि बयान सिर्फ राजनीतिक था, न कि कोई अपराध। कोर्ट ने FIR को “अवैध और बिना आधार” बताते हुए रद्द कर दिया। अब पुलिस इस केस पर कोई एक्शन नहीं ले सकेगी।
