JSSC-CGL पेपर लीक मामले में पहली चार्जशीट तैयार, मास्टरमाइंड संदीप त्रिपाठी समेत 10 आरोपी शामिल

News Aroma
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JSSC- CGL Paper Leak: झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) की CGL परीक्षा 2023 में प्रश्न पत्र उपलब्ध कराने का झांसा देकर ठगी करने वाले गिरोह के मास्टरमाइंड संदीप त्रिपाठी उर्फ शशि भूषण दीक्षित, सहयोगी विवेक रंजन, पांच IRB जवानों समेत सभी 10 गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ CID ने पहली चार्जशीट तैयार कर ली है। FSL रिपोर्ट मिलने के बाद अनुसंधान पदाधिकारी रवींद्र सिंह जल्द ही कोर्ट में चार्जशीट दाखिल करेंगे। CID की विशेष जांच टीम (SIT) को अब तक पेपर लीक से जुड़ा कोई ठोस साक्ष्य नहीं मिला है। जांच में सामने आया कि गिरोह ने अभ्यर्थियों से फर्जीवाड़ा कर लाखों रुपये की ठगी की थी।

जांच में क्या आया सामने ?

गिरोह का मास्टरमाइंड संदीप त्रिपाठी, जो गोरखपुर के हनुमंतनगर, पादरी बाजार का निवासी है, ने अभ्यर्थियों को नेपाल के वीरगंज ले जाकर सवाल रटवाए।

CID ने 28 ऐसे छात्रों को चिन्हित किया, जो नेपाल गए थे। इनमें से 10 छात्र परीक्षा में उत्तीर्ण हुए। इनके बयान दर्ज किए गए हैं।
जांच के अनुसार, गिरोह का मुख्य मकसद प्रश्न पत्र देने के नाम पर ठगी करना था। गिरोह ने बिहार की कई प्रतियोगी परीक्षाओं के नाम पर भी अभ्यर्थियों से पैसे वसूले।

ठगी से जुड़े साक्ष्यों को पहली चार्जशीट में शामिल किया जाएगा, जिसमें मोबाइल फोन, चैट्स और अन्य दस्तावेज शामिल हैं।

 

CID ने मार्च 2025 में संदीप त्रिपाठी और विवेक रंजन को उत्तर प्रदेश के गोरखपुर से गिरफ्तार किया था। इसके अलावा, IRB के पांच जवान-कुंदन कुमार, रॉबिन कुमार, गौरव कुमार, अखिलेश कुमार, अभिलाष कुमार-तथा असम राइफल्स के जवान राम निवास राय, होमगार्ड निवास कुमार राय और उनके भतीजे कविराज को भी गिरफ्तार किया गया। ये सभी अभ्यर्थियों से पैसे वसूलने और गिरोह को सहायता देने में शामिल थे।

पेपर लीक का कोई सबूत नहीं

CID की जांच में पेपर लीक की अफवाहों को खारिज किया गया है। जांच के मुताबिक, गिरोह ने केवल अभ्यर्थियों को झांसा देकर पैसे ऐंठे, लेकिन वास्तविक प्रश्न पत्र लीक होने का कोई प्रमाण नहीं मिला। JSSC ने भी पेपर लीक के आरोपों से इनकार किया है, हालांकि झारखंड हाईकोर्ट ने परिणाम घोषित करने पर रोक लगा रखी है। अगली सुनवाई 22 जनवरी 2026 को होगी।

चार्जशीट में ठगी के साक्ष्यों को शामिल करने के बाद CID अब गिरोह के अन्य संभावित सदस्यों और उनके नेटवर्क की जांच कर रही है। बिहार और नेपाल में गिरोह के कनेक्शन की गहन पड़ताल की जा रही है।

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