झारखंड

टेंडर कमीशन केस में डायरी में लिखे कोड वर्ड से ED करेगी और भी नए खुलासे!

एनफोर्समेंट डायरेक्टरेट यानी प्रवर्तन निदेशालय (ED) की टीम ने ग्रामीण विकास विभाग में टेंडर में कमीशन मामले में और नए खुला से कोर्ट में किए हैं।

Tender scam Jharkhand: एनफोर्समेंट डायरेक्टरेट यानी प्रवर्तन निदेशालय (ED) की टीम ने ग्रामीण विकास विभाग में टेंडर में कमीशन मामले में और नए खुला से कोर्ट में किए हैं।

कोर्ट को सौंपे दस्तावेज में बताया गया है कि मंत्री आलमगीर आलम (Alamgir Alam) को ठेकों में कमीशनखोरी का हिस्सा कोड वर्ड के माध्यम से पहुंचता था। उनके लिए कोड वर्ड M और H का इस्तेमाल होता था।

PS संजीव लाल के नौकर Jahangir Alam के फ्लैट से मिली हिसाब-किताब की डायरी से इन तथ्यों की जानकारी मिली है। सैकड़ों पन्नों की इस डायरी के कुछ पन्नों को साक्ष्य के तौर पर कोर्ट को सौंपा गया है।

M का मतलब था मिनिस्टर और H का मतलब ऑनरेबल मिनिस्टर। डायरी में कई जगह कोड वर्ड का जिक्र है। इसमें H (Honorable Minister), M (मनीष), S (संजीव लाल), TC (टेंडर कमेटी), CE (चीफ इंजीनियर) जैसे कोड वर्ड का इस्तेमाल किया गया है।

ED ने कोर्ट में दावा किया कि मंत्री आलमगीर ग्रामीण विकास विभाग में उगाही के सारे पैसे और खुद से जुड़े दस्तावेज अपने PS संजीव लाल के जरिए जहांगीर आलम के फ्लैट में रखवाते थे। साथ ही जहांगीर के यहां से बरामद पूरे 32.20 करोड़ रुपए आलमगीर आलम के होने का दावा किया है।

वहीं कोर्ट को यह भी बताया है कि वहां मिले सरकारी दस्तावेज, हिसाब-किताब की डायरी समेत सारी चीजें संजीव लाल ने ही आलमगीर आलम के निर्देश पर रखे थे।

223.77 लाख रुपये की उगाही

ED ने कोर्ट को डायरी का एक पन्ना सैंपल के तौर पर दिया है। इसमें 9 से 19 जनवरी तक के 25 ठेकों का जिक्र किया गया है।

हर डिवीजन में किस कंपनी को ठेका दिया गया, कंपनी ने कितना भुगतान किया, भुगतान में कितना हिस्सा मंत्री को गया, पूरा विवरण है। यहां M code के साथ 123 लाख का जिक्र है। कुल उगाही तकरीबन 223.77 लाख रुपये बताई गई है।

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