
रांची: झारखंड में जेपीएससी, जेएसएससी सीजीएल और उत्पाद सिपाही भर्ती परीक्षा में कथित गड़बड़ी व पेपर लीक के मामलों को लेकर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सांसदों ने दिल्ली स्थित संसद के मकर द्वार के समक्ष कांग्रेस के खिलाफ जोरदार विरोध-प्रदर्शन किया। प्रदर्शन का नेतृत्व भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष और राज्यसभा सांसद आदित्य साहू ने किया। इस दौरान भाजपा नेताओं ने कांग्रेस और राज्य सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की तथा हेमंत सोरेन के इस्तीफे की मांग उठाई। आदित्य साहू ने कांग्रेस पर छात्रों और युवाओं के मुद्दों पर दोहरी राजनीति करने का सीधा आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि एक तरफ कांग्रेस दिल्ली में छात्रों के हितैषी बनने का नाटक करती है, वहीं दूसरी तरफ झारखंड में लगातार हो रहे परीक्षा घोटालों पर पूरी तरह मौन साधे हुए है। उत्पाद सिपाही भर्ती दौड़ के दौरान 19 युवाओं की असमय मौत का जिक्र करते हुए उन्होंने सवाल उठाया कि इस गंभीर हादसे पर कांग्रेस के शीर्ष नेताओं की चुप्पी आखिर क्यों बनी हुई है?
कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, सोनिया गांधी और राहुल गांधी को चुनौती देते हुए कहा कि यदि वे वास्तव में छात्रों के प्रति गंभीर हैंbतो उन्हें तुरंत झारखंड का दौरा करना चाहिए और पीड़ित परिजनों के सामने अपना पक्ष रखना चाहिए। उन्होंने मांग की कि उत्पाद सिपाही दौड़ में जान गंवाने वाले अभ्यर्थियों के परिजनों को राज्य सरकार तत्काल एक-एक करोड़ रुपये का मुआवजा दे। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि अगर कांग्रेस को छात्रों की वाकई चिंता है तो उसे हेमंत सोरेन सरकार से अपना समर्थन तुरंत वापस लेना चाहिए।
सीआईडी जांच की प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि राज्य सरकार जांच एजेंसियों के माध्यम से मामलों को दबाने का प्रयास कर रही है, जैसा कि पूर्व के शराब घोटाले में देखा जा चुका है। उन्होंने स्पष्ट किया कि निष्पक्ष न्याय के लिए हेमंत सोरेन सरकार के पिछले छह वर्षों के कार्यकाल में हुई सभी भर्ती परीक्षाओं की सीबीआई (CBI) जांच ही एकमात्र समाधान है। प्रदर्शन में आदित्य साहू के अलावा सांसद निशिकांत दुबे, बी.डी. राम, विद्युत वरण महतो, डॉ. प्रदीप वर्मा, कालीचरण सिंह, ढुल्लू महतो और मनीष जायसवाल सहित झारखंड भाजपा के कई प्रमुख सांसद शामिल रहे।

