राज्यसभा चुनाव के लिए धीरज साहू का हाथ-पांव मारना साफ दिख रहा है

झारखंड राज्यसभा चुनाव में दो सीटों को लेकर सियासी हलचल तेज है। झामुमो, कांग्रेस और बीजेपी अपनी रणनीति साधने में जुटे हैं, जबकि उम्मीदवारों के नामों पर चर्चा गर्म है।

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दयानंद राय

रांची : झारखंड में जल्द ही राज्यसभा चुनाव होने हैं, दो सीटों पर होनेवाले इस चुनाव में एक सीट तो सीधे झामुमो के खाते में जाती दिखती है, दूसरी पर कांग्रेस का उम्मीदवार हो सकता है। राज्यसभा चुनाव में वोटों का गणित इंडिया गठबंधन के पक्ष में है, इसलिए दूसरी सीट से राज्यसभा जाने के लिए कांग्रेस के वरिष्ठ नेता धीरज साहू का हाथ-पांव मारना साफ दिख रहा है। वे पहले मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से मिले थे और आज दिल्ली में कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे से मिले। इस मुलाकात को शिष्टाचार मुलाकात बताया गया है लेकिन राजनीति की नब्ज टटोलनेवाले लोग जानते हैं कि ये सारी कवायद राज्यसभा चुनाव के लिए ही की जा रही है।

परिमल नथवाणी की चर्चा हुई लेकिन वे दिखे कहीं नहीं

मीडिया के गलियारे में राज्यसभा चुनाव के लिए निर्दलीय उम्मीदवार परिमल नथवाणी के नाम की चर्चा हुई, लेकिन वे दिखे कहीं नहीं। अलबत्ता धीरज साहू की सक्रियता साफ दिख रही है। राजनीति के गलियारों में यह चर्चा भी है कि धीरज साहू ने झामुमो नेतृत्व से समर्थन मांगा है। इधर, भाजपा ने भी राज्यसभा चुनाव में उम्मीदवार उतारने की बात कही है पर संख्या बल का उसके पास टोटा है। पार्टी के पास विधानसभा में 21 विधायक हैं, उसे एनडीए के तीन विधायकों का समर्थन भी हासिल है। इस तरह एनडीए के पास 24 विधायक हैं। ऐसे में अपने उम्मीदवार को जिताने के लिए चार और विधायकों के मतों की जरूरत होगी। गौरतलब है कि झारखंड विधानसभा में 81 सीटें हैं और एक उम्मीदवार को जिताने के लिए 28 वोटों की जरूरत होगी।

राज्यसभा चुनाव में अंजनी और कल्पना पर दांव खेल सकती है झामुमो

राज्यसभा चुनाव में झामुमो की ओर से जिन चेहरों को उतारने की संभावना है उनमें शिबू सोरेन की बेटी अंजनी सोरेन के नाम के अलावा गांडेय विधायक और मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की पत्नी कल्पना सोरेन का नाम शामिल है। झामुमो शिबू सोरेन की विरासत को बनाये रखने की खातिर अंजनी सोरेन को राज्यसभा भेज सकता है। अंजनी सोरेन फिलहाल ओडिशा की राजनीति में सक्रिय मानी जाती हैं और लंबे समय से संगठनात्मक गतिविधियों से जुड़ी रही हैं।

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विनीता चौबे को 10 साल का अनुभव है। उन्होनें सन्मार्ग से पत्रकारिता की शुरुआत की थी। फिर न्यूज विंग, बाइस स्कोप, द न्यूज पोस्ट में भी काम किया। वे राजनीति, अपराध, सामाजिक मुद्दों और स्थानीय घटनाओं से जुड़ी खबरों को सरल और तथ्यात्मक भाषा में पाठकों तक पहुंचाने के लिए जानी जाती हैं। पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय रहते हुए उनका प्रयास रहता है कि जमीनी स्तर की महत्वपूर्ण खबरों को सही और विश्वसनीय जानकारी के साथ लोगों तक पहुंचाया जाए।