पारा शिक्षकों को अभी करना होगा और इंतजार, यहां फंसी 65 हजार पारा शिक्षकों की सेवा शर्त नियमावाली!

शिक्षा मंत्री की अध्यक्षता में 18 अगस्त को विभागीय अधिकारियों और पारा शिक्षकों की बैठक हुई थी। इसमें एक सप्ताह में सेवा शर्त नियमावली का प्रारूप तैयार करने का आश्वासन दिया गया था।

रांची: राज्य के 65 हजार पारा शिक्षकों को अभी और इंतजार करना होगा। वजह नयी नियुक्ति नियमावली की प्रक्रिया अभी रुकी हुई है, परियोजना निदेशक के स्थानांतरण होने की वजह से इसमें देर हो रही है।

बताते चलें कि जब कमिटी बनी थी उस समय डॉ शैलेश चौरसिया परियोजना निदेशक थे। अब उनके स्थानांतरण के बाद किरण कुमार पासी परियोजना निदेशक बनायी गयी हैं। वजह परियोजना निदेशक के स्थानांतरण से इसमें देर हो रही है।

बता दें कि इधर शिक्षा मंत्री की भी तबियत ख़राब हो गई है। नयी नियुक्ति आने में अभी एक हफ्ते का समय लगेगा।

पारा शिक्षकों को अभी इंतजार करना होगा। नियुक्ति नियमावली बनाने की प्रक्रिया चल रही है। जैसे ही नियमावली बनती है इस प्रारूप को शिक्षा मंत्री जगरनाथ महतो के पास भेजा जायेगा।

मंत्री के निर्देश के बाद ही पारा शिक्षक संघ को नियमावली का प्रारूप भेजा जायेगा।

स्कूली शिक्षा और साक्षरता विभाग की ओर से गठित कमेटी शिक्षा सचिव राजेश शर्मा के माध्यम से अगले सप्ताह शिक्षा मंत्री जगन्नाथ महतो को प्रारूप की कॉपी सौंपेगी।

प्रारूप में कुछ बातों पर विचार करना बाकी रह गया है। अगले एक-दो दिनों में उस पर अंतिम रूप से निर्णय लेकर कमेटी अगले सप्ताह रिपोर्ट सौंपेगी।

मंत्री की अध्यक्षता में हुई थी बैठक

बता दें कि शिक्षा मंत्री की अध्यक्षता में 18 अगस्त को विभागीय अधिकारियों और पारा शिक्षकों की बैठक हुई थी।

इसमें एक सप्ताह में सेवा शर्त नियमावली का प्रारूप तैयार करने का आश्वासन दिया गया था।

इसके बाद झारखंड  शिक्षा परियोजना परिषद के राज्य परियोजना निदेशक की अध्यक्षता में 19 अगस्त को कमेटी का गठन किया गया था।

बिहार की तर्ज पर बननी है नियमावली

कमेटी को 23 अगस्त को शिक्षा सचिव को प्रारूप देना था, जबकि उनकी समीक्षा के बाद 26 अगस्त तक अंतिम रूप से प्रारूप की कॉपी शिक्षा मंत्री को सौंपनी थी।

इस बीच जेईपीसी के राज्य परियोजना निदेशक डॉ शैलेश कुमार चौरसिया का तबादला हो गया। इस वजह से देरी हुई।

पारा शिक्षकों की सेवा शर्त नियमावली बिहार के नियोजित शिक्षकों की नियमावली की तर्ज पर बनाई जा रही है।

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