रांची: एमएमडीआर संशोधन विधेयक (खनिज विधेयक) के खिलाफ झारखंड सरकार राज्य विधानसभा का दो दिवसीय विशेष सत्र बुलाने की तैयारी में है। आगामी सात अक्टूबर को आयोजित होने वाली राज्य कैबिनेट की बैठक में सत्र के आयोजन की संशोधित तिथि पर अंतिम मुहर लगाई जाएगी। इससे पूर्व कैबिनेट विभाग को पांच और छह अक्टूबर को दो दिनों का विशेष सत्र आहूत करने का प्रस्ताव भेजा गया था, जिस पर निर्णय के लिए 25 सितंबर को कैबिनेट की बैठक तय थी। हालांकि, मंत्री दीपिका पांडेय सिंह की बेटी के आकस्मिक दुर्घटना में निधन के कारण उस बैठक को स्थगित कर दिया गया था, जिससे तिथि निर्धारण का प्रस्ताव अटक गया था।

संसदीय कार्य मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने स्पष्ट किया है कि राज्य सरकार एमएमडीआर बिल का कड़ा विरोध करती है, इसी उद्देश्य से इस विशेष सत्र का आयोजन किया जा रहा है। सरकार विशेष सत्र के माध्यम से एमएमडीआर के खिलाफ प्रस्ताव पारित कर केंद्र सरकार को भेजेगी। उन्होंने जोर देकर कहा कि सर्वोच्च न्यायालय के निर्णय के अनुसार सेस (Cess) वसूली का अधिकार राज्य सरकार का है। चूंकि राज्य के स्थानीय लोग खनन के कारण विस्थापन और प्रदूषण का दंश झेलते हैं, इसलिए सेस वसूली का अधिकार भी राज्य के पास ही होना चाहिए। अब सात अक्टूबर को होने वाली कैबिनेट बैठक में ही विशेष सत्र की नई तिथियों का निर्धारण किया जाएगा।


