

रांची: झारखंड में मानसून इन दिनों पूरी तरह सक्रिय है। पिछले चार-पांच दिनों से राज्य के कई हिस्सों में लगातार बारिश हो रही है। वहीं, पिछले दो दिनों से हो रही तेज बारिश के कारण जमशेदपुर के कुछ निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति बन गई है। कई जगहों पर सड़कों और निचले क्षेत्रों में पानी जमा होने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।




जमशेदपुर में खरकई और स्वर्णरेखा नदी का जलस्तर भी बढ़ा हुआ है। लगातार बारिश के कारण दोनों नदियां पानी से लबालब हैं। निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है।
राजधानी रांची समेत झारखंड के अधिकांश जिलों में भी पिछले कई दिनों से बारिश का असर देखने को मिल रहा है। लगातार बारिश और बादल छाए रहने की वजह से तापमान में गिरावट आई है और मौसम ठंडा हो गया है। कई इलाकों में ठंडी हवाओं के साथ बारिश का दौर जारी है।
15 अगस्त को भी बारिश का अलर्ट
स्वतंत्रता दिवस यानी 15 अगस्त को भी झारखंड के सभी 24 जिलों में बारिश की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग के अनुसार राजधानी रांची की तुलना में रांची के आसपास के इलाकों और राज्य के अन्य जिलों में बारिश का असर अधिक देखने को मिल सकता है।
दिनभर अलग-अलग स्थानों पर हल्की से मध्यम और कहीं-कहीं भारी बारिश हो सकती है। इसके साथ ही तेज हवाएं चलने और वज्रपात की भी संभावना है। ऐसे में लोगों को मौसम को लेकर सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक 20 अगस्त तक झारखंड में बारिश का दौर जारी रह सकता है। इस दौरान मौसम में लगातार बदलाव देखने को मिल सकता है।
इन जिलों में मौसम रहेगा सुहाना
बारिश और ठंडी हवाओं के कारण आज झारखंड के कई जिलों में मौसम सुहाना रहने की उम्मीद है। राज्य में अधिकतम तापमान 28 से 31 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने की संभावना है, जबकि न्यूनतम तापमान करीब 22 से 25 डिग्री सेल्सियस रह सकता है।
राजधानी रांची में दिन का तापमान करीब 29 से 30 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने की संभावना है। वहीं, खूंटी, गुमला, सिमडेगा और सिंहभूम के इलाकों में बादल, ठंडी हवा और बारिश के कारण मौसम खुशनुमा बना रह सकता है।
हालांकि, जिन इलाकों में तेज बारिश या वज्रपात की संभावना हो, वहां लोगों को खुले स्थानों पर जाने से बचने की सलाह दी जाती है।
वज्रपात को लेकर रहें सावधान
बारिश के साथ वज्रपात की संभावना को देखते हुए लोगों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। गरज-चमक के दौरान खुले मैदान, पेड़ के नीचे या जलभराव वाले स्थानों पर खड़े होने से बचें। तेज बारिश के दौरान अनावश्यक यात्रा करने से भी बचना बेहतर है।

