
रांची: झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) की 14वीं पीटी परीक्षा को लेकर शुरू हुआ विवाद अब सियासी घमासान में बदल गया है। मंगलवार को आयोग के दफ्तर पर सीआईडी की छापेमारी और उसके बाद जेपीएससी अध्यक्ष के इस्तीफे के बाद मुख्य विपक्षी दल आजसू ने राज्य सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व विधायक लंबोदर महतो तथा देवशरण भगत ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए 14वीं JPSC पीटी परीक्षा के संचालन और परिणाम में बड़े पैमाने पर धांधली का आरोप लगाया। आजसू नेताओं का दावा है कि राज्य सरकार और आयोग ने परीक्षा कराने से लेकर रिजल्ट तैयार करने का जिम्मा एक ब्लैकलिस्टेड आउटसोर्सिंग कंपनी को सौंप रखा था, जो सीधे तौर पर अभ्यर्थियों के भविष्य के साथ खिलवाड़ है। पार्टी ने स्पष्ट किया कि अध्यक्ष का केवल इस्तीफा दिला देने भर से यह गंभीर मामला शांत नहीं होने वाला है। आजसू ने मांग की है कि इस पूरे प्रकरण में निष्पक्षता लाने और कथित वित्तीय अनियमितताओं की परतें खोलने के लिए CID के अलावा CBI और ED से भी समानांतर जांच कराई जानी चाहिए। नेताओं ने दोहराया कि जब तक दोषी अधिकारियों व संलिप्त लोगों पर सख्त कार्रवाई नहीं होती और अभ्यर्थियों के हितों की पूरी सुरक्षा सुनिश्चित नहीं की जाती, तब तक उनका यह विरोध जारी रहेगा।

