परीक्षा एजेंसी के चयन से रिजल्ट तक गड़बड़ी के आरोप
सीआईडी की जांच के अनुसार, परीक्षा संचालन का जिम्मा टीएसआर डेटा प्रोसेसिंग प्राइवेट लिमिटेड (TDPL) को नियमित टेंडर प्रक्रिया के बजाय नामांकन के आधार पर सौंपने का आरोप है। जांच में ओएमआर शीट से छेड़छाड़, गोपनीय उत्तर पुस्तिकाओं को बाहर ले जाने और डिजिटल अंकों में हेरफेर कर अभ्यर्थियों को सफल कराने जैसी कथित अनियमितताओं की भी पड़ताल की गई है।
जांच एजेंसी का दावा है कि इन आरोपों के समर्थन में साक्ष्य मिले हैं। हालांकि, आरोपों की अंतिम पुष्टि न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही होगी।
व्हाट्सऐप पर उत्तर कुंजी भेजने का आरोप
जांच में पूर्व उप परीक्षा नियंत्रक श्वेता कुमारी गुप्ता पर परीक्षा की गोपनीय उत्तर कुंजी व्हाट्सऐप के जरिए एजेंसी के कर्मचारी मोहम्मद उस्मान को भेजने का आरोप भी सामने आया है। सीआईडी वन क्षेत्र पदाधिकारी (FRO) और सहायक वन संरक्षक (ACF) परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों की भी जांच कर रही है।
JSSC पेपर लीक मामले में भी जल्द दाखिल होगा आरोपपत्र
JPSC मामले में चार्जशीट दाखिल होने के बाद अब JSSC पेपर लीक मामले की जांच पर भी नजर है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, इस मामले में अगले 20 दिनों के भीतर आरोपपत्र दाखिल करने की तैयारी है।
JPSC मामले में अदालत में 26 अक्टूबर को आरोपपत्र पर संज्ञान लेने की संभावना जताई गई है। आगे की कानूनी प्रक्रिया के दौरान अदालत आरोपों और उपलब्ध साक्ष्यों पर विचार करेगी।


