15 लाख की इनामी व झारखंड की मोस्ट वांटेड माओवादी बेला कोलकाता से गिरफ्तार, मिसिर बेसरा गुट के 15 नक्सलियों ने किया सरेंडर

कोलकाता पुलिस ने 15 लाख की इनामी माओवादी नेता श्रद्धा विश्वास उर्फ बेला को गिरफ्तार किया, जबकि सारंडा में घिरे मिसिर बेसरा गुट के 53 में से 15 नक्सलियों ने पुलिस के सामने सरेंडर किया।

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रांची : झारखंड की मोस्ट वांटेड महिला माओवादी नेता श्रद्धा विश्वास उर्फ बेला को कोलकाता पुलिस ने मंगलवार को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने उसे उत्तर काशीपुर थाना क्षेत्र के एक गुप्त ठिकाने से दबोचा। बताया जा रहा है कि गिरफ्तार माओवादी नेता बेला मूल रूप से नदिया जिले के चकदह की रहने वाली है।

झारखंड में 23 मामलों में वांछित थी बेला

बेला के खिलाफ झारखंड में कम से कम 23 मामले दर्ज हैं। झारखंड पुलिस ने उस पर 15 लाख रुपये का इनाम घोषित किया था। मंगलवार को मिली गुप्त सूचना के आधार पर उत्तर काशीपुर थाना पुलिस ने कार्रवाई करते हुए उसे धर दबोचा। सूत्रों के मुताबिक, झारखंड के विभिन्न थानों में उसके खिलाफ कुल 23 शिकायतें दर्ज हैं। कोलकाता पुलिस के अधिकार क्षेत्र वाले उत्तर काशीपुर इलाके में एक गुप्त ठिकाने से यह गिरफ्तारी की गई। बताया जाता है कि बेला झारखंड और पश्चिम बंगाल में माओवादी गतिविधियों के लिए कोऑर्डिनेटर के तौर पर काम करती थी।

सारंडा में घिरे 53 नक्सलियों में से 15 ने ली पुलिस शरण

इधर झारखंड के सारंडा क्षेत्र के मंकी फॉरेस्ट में घिरे 53 नक्सलियों में से 15 ने झारखंड पुलिस के सामने सरेंडर कर दिया है। सुरक्षा बलों की लगातार घेराबंदी, दबाव और बातचीत की कोशिशों के बाद यह बड़ी सफलता मानी जा रही है। सरेंडर करने वालों में माओवादी पोलित ब्यूरो सदस्य और एक करोड़ के इनामी मिसिर बेसरा के करीबी 10 लाख के इनामी जोनल कमांडर अश्विन भी शामिल हैं। इसके अलावा 10 लाख के इनामी जोनल कमांडर चंदन लोहरा, पांच लाख के इनामी सब-जोनल कमांडर सोहन पुनेई उर्फ रंगा, सब-जोनल कमांडर माधई पात्रा, एरिया कमांडर दो लाख की इनामी रजनी मुदगम, एरिया कमांडर सलोनी मुंडा उर्फ पारूल और दस्ते के सदस्य अनीशा, जेलानी और सपना सहित कई अन्य नक्सली भी शामिल हैं।

मुख्यधारा में लौटने लगा दस्ता, एक नक्सली ने किया आत्मसमर्पण

इसी बीच सब-जोनल कमांडर माधई पात्रा ने समाज की मुख्यधारा में लौटने का फैसला करते हुए पुलिस के सामने आत्मसमर्पण कर दिया। बताया जा रहा है कि वह लंबे समय से बीमार था। सूत्रों के अनुसार, उसने मिसिर बेसरा की अनुमति से पुलिस के समक्ष सरेंडर किया है। हालांकि पुलिस अधिकारियों ने इस पर सीधे तौर पर कुछ भी कहने से इनकार किया है। फिलहाल माना जा रहा है कि इन नक्सलियों से पूछताछ के बाद सुरक्षा एजेंसियों को और अहम जानकारियां मिल सकती हैं, जिसके आधार पर आगे बड़ी कार्रवाई की जा सकती है।

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विनीता चौबे को 10 साल का अनुभव है। उन्होनें सन्मार्ग से पत्रकारिता की शुरुआत की थी। फिर न्यूज विंग, बाइस स्कोप, द न्यूज पोस्ट में भी काम किया। वे राजनीति, अपराध, सामाजिक मुद्दों और स्थानीय घटनाओं से जुड़ी खबरों को सरल और तथ्यात्मक भाषा में पाठकों तक पहुंचाने के लिए जानी जाती हैं। पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय रहते हुए उनका प्रयास रहता है कि जमीनी स्तर की महत्वपूर्ण खबरों को सही और विश्वसनीय जानकारी के साथ लोगों तक पहुंचाया जाए।