

12 घरों की जांच में सामने आई यह बात
दरअसल, राज्यभर में 12 नवंबर 2026 तक होम-टू-रोल विजिट अभियान चलाया जा रहा है। इसी अभियान के पहले दिन झारखंड के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के. रवि कुमार लातेहार के चंदवा प्रखंड पहुंचे।
यहां उन्होंने राजकीय बालिका मध्य विद्यालय, चंदवा के मतदान केंद्र संख्या 328 और प्राथमिक विद्यालय, जमीरा के मतदान केंद्र संख्या 347 के अंतर्गत आने वाले घरों का निरीक्षण किया।
व्यवस्थित यादृच्छिक नमूना चयन प्रणाली के तहत दोनों मतदान केंद्रों से छह-छह घरों का चयन किया गया। इस तरह कुल 12 घरों में जाकर परिवार के सदस्यों के मतदाता पंजीकरण की स्थिति की जांच की गई।
जांच में 5 पात्र नागरिकों के नाम नहीं मिले
सत्यापन के दौरान मतदान केंद्र संख्या 328 के क्षेत्र में दो ऐसी महिलाएं मिलीं, जिनकी उम्र क्रमशः 28 और करीब 30 वर्ष थी। इसके बावजूद उनका नाम मतदाता सूची में दर्ज नहीं था।
वहीं, मतदान केंद्र संख्या 347 के अंतर्गत 18 से 20 वर्ष आयु वर्ग के तीन पात्र नागरिक भी मतदाता सूची से बाहर पाए गए।
इन पांचों लोगों ने अब तक मतदाता सूची में नाम दर्ज कराने के लिए फॉर्म-6 भी जमा नहीं किया था।
BLO को घर-घर सत्यापन का निर्देश
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के. रवि कुमार ने कहा कि इस अभियान का मकसद यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी पात्र भारतीय नागरिक मतदाता सूची में नाम दर्ज कराने से वंचित न रहे।
उन्होंने बीएलओ को निर्देश दिया कि वे घर-घर जाकर सत्यापन करें और 18 वर्ष या उससे अधिक उम्र के ऐसे सभी पात्र नागरिकों की पहचान करें, जिनका नाम मतदाता सूची में शामिल नहीं है। इसके बाद फॉर्म-6 के माध्यम से उनका पंजीकरण कराया जाए।
उन्होंने यह भी कहा कि नए मतदाताओं, खासकर युवाओं को मतदाता सूची से जोड़ना निर्वाचन प्रक्रिया का महत्वपूर्ण हिस्सा है। साथ ही यह भी सुनिश्चित करना जरूरी है कि किसी अपात्र या विदेशी व्यक्ति का नाम मतदाता सूची में शामिल न हो।
मौके पर मौजूद रहे ये अधिकारी
इस दौरान जिला निर्वाचन पदाधिकारी संदीप कुमार, उप निर्वाचन पदाधिकारी मेरी मड़की, लातेहार के अनुमंडल पदाधिकारी दिनेश कुमार, चंदवा के बीडीओ चंदन प्रसाद, अंचल अधिकारी सुमित झा समेत संबंधित बीएलओ और निर्वाचन कर्मी मौजूद रहे।
झारखंड में चल रहा यह अभियान मतदाता सूची में छूटे हुए पात्र नागरिकों की पहचान और नए मतदाताओं के पंजीकरण की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है।


