

महुआडांड़ : जुलाई में रिमझिम बारिश के साथ ही लातेहार की शान और झारखंड के सबसे ऊंचे झरनों में शुमार लोध फॉल ने अपना भव्य रूप धारण कर लिया है। 468 फीट की ऊंचाई से बेतहाशा गिरता जल, चारों ओर घने जंगल और ठंडी फुहारें… मानो प्रकृति ने यहां स्वर्ग उतार दिया हो। दूर-दूर से पर्यटक इस अद्भुत नजारे को देखने पहुंच रहे हैं। लेकिन इसी मनोहारी खूबसूरती के बीच जिला प्रशासन ने पर्यटकों से सुरक्षा पहले का मंत्र अपनाने की अपील की है।





वन विभाग के अनुसार मानसून में लोध फॉल का जलस्तर 3 गुना तक बढ़ जाता है। चट्टानें काई के कारण शीशे की तरह फिसलन भरी हो जाती हैं। ऊपर से गिरते पत्थर और अचानक बढ़ता जलप्रवाह किसी के लिए भी खतरा बन सकता है। पिछले वर्षों में सेल्फी और लापरवाही के कारण अप्रिय घटनाएं हो चुकी हैं।
