
‘धक-धक गर्ल’ के नाम से मशहूर माधुरी दीक्षित ने फिल्म इंडस्ट्री में महिला और पुरुष कलाकारों के बीच वेतन असमानता यानी पे-पैरिटी के मुद्दे पर अपनी बेबाक राय रखी है। हाल ही में एक इंटरव्यू के दौरान उन्होंने इस संवेदनशील विषय पर खुलकर बात करते हुए कहा कि भारतीय समाज लंबे समय तक पुरुष प्रधान रहा है और इसका असर फिल्म इंडस्ट्री पर भी दिखाई देता रहा है।
माधुरी ने कहा कि फिल्मों में अक्सर पुरुष कलाकारों को केंद्र में रखा गया, लेकिन अब समय बदल रहा है। महिलाओं ने हर क्षेत्र में अपनी मजबूत पहचान बनाई है और मनोरंजन जगत भी इससे अछूता नहीं है। उनके अनुसार, इंडस्ट्री में सकारात्मक बदलाव देखने को मिल रहे हैं, जिससे महिला कलाकारों को अधिक अवसर और सम्मान मिल रहा है।
फिल्म की कमाई से तय होती है फीस
वेतन समानता पर बात करते हुए माधुरी ने स्पष्ट किया कि फिल्म व्यवसाय पूरी तरह बाजार और दर्शकों की पसंद पर आधारित है। उन्होंने कहा कि किसी कलाकार की फीस उसके जेंडर से नहीं, बल्कि उसकी मार्केट वैल्यू और बॉक्स ऑफिस प्रदर्शन से तय होती है। यदि कोई महिला कलाकार अपनी फिल्म के दम पर दर्शकों को सिनेमाघरों तक खींच सकती है और फिल्म बड़ी कमाई करती है, तो उसे भी उसी स्तर का पारिश्रमिक मिलना चाहिए।
महिला प्रधान कहानियां बदल रहीं तस्वीर
माधुरी ने ओटीटी प्लेटफॉर्म्स और नई सोच वाली कहानियों की सराहना की। उन्होंने कहा कि आज महिलाएं सिर्फ ग्लैमर तक सीमित नहीं हैं, बल्कि कहानी की मुख्य धुरी बन रही हैं। लेखक और निर्माता महिलाओं के लिए मजबूत और प्रभावशाली किरदार लिख रहे हैं। उनका मानना है कि यही बदलाव भविष्य में वेतन असमानता की खाई को कम करने में अहम भूमिका निभाएगा।

