
मुंबई: महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने सभी संबंधित एजेंसियों को निर्देश दिया है कि राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (नीट) की पुन: परीक्षा राज्यभर में पारदर्शी, सुचारू और तनावमुक्त तरीके से आयोजित की जाए। प्रश्नपत्र लीक होने के आरोपों के कारण तीन मई को हुई परीक्षा रद्द किए जाने के बाद पुन: परीक्षा 21 जून को आयोजित की जानी है।
फडणवीस ने शुक्रवार को यहां अपने आधिकारिक आवास पर समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए कहा कि परीक्षा प्रक्रिया की निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए सभी विभागों को सतर्क रहना चाहिए और आवश्यक कदम उठाने चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि सभी परीक्षा केंद्रों पर सीसीटीवी निगरानी व्यवस्था पूरी तरह सक्रिय रखी जाए तथा किसी भी प्रकार की अनियमितता रोकने के लिए साइबर सुरक्षा उपायों को और मजबूत किया जाए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि अभ्यर्थियों की पहचान सत्यापन और तलाशी की प्रक्रिया भी सख्ती से लागू की जानी चाहिए। उन्होंने छात्रों, अभिभावकों और आम जनता के साथ सोशल मीडिया तथा अन्य माध्यमों के जरिए प्रभावी संवाद बनाए रखने की आवश्यकता पर भी जोर दिया। एक आधिकारिक विज्ञप्ति के अनुसार, फडणवीस ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि परीक्षा से संबंधित अफवाहों या भ्रामक सूचनाओं का तुरंत खंडन किया जाए, ताकि अभ्यर्थियों और उनके परिवारों में किसी प्रकार का भ्रम न फैले।
फडणवीस ने पुणे और लातूर के परीक्षा केंद्रों पर विशेष ध्यान देने को कहा, क्योंकि इन क्षेत्रों में परंपरागत रूप से बड़ी संख्या में नीट अभ्यर्थी परीक्षा देने आते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि छात्रों के लिए सभी बुनियादी सुविधाओं का प्रभावी ढंग से प्रबंध किया जाए, ताकि परीक्षा के दिन उन्हें किसी प्रकार की असुविधा न हो।
बैठक के दौरान राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) के महानिदेशक अभिषेक सिंह ने महाराष्ट्र में परीक्षा केंद्रों की संख्या, उपलब्ध सुविधाओं, सुरक्षा प्रबंधों तथा परीक्षा के सुचारु संचालन के लिए तैयार की गई समग्र योजना पर प्रस्तुति दी।

