विधानसभा में गूंजा महुआडांड़ में एसटी छात्रों के लिए हॉस्टल का मुद्दा, सरकार ने लातेहार डीसी से मांगा निर्माण का प्रस्ताव

महुआडांड़ में अनुसूचित जनजाति छात्रावास की मांग विधानसभा में उठी। सरकार ने कहा कि लातेहार जिला प्रशासन से प्रस्ताव मिलते ही बालक और बालिका छात्रावास निर्माण प्रक्रिया शुरू होगी।

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लातेहार (महुआडांड़) : जनजाति बहुल महुआडांड़ प्रखंड में अनुसूचित जनजाति के छात्र-छात्राओं के लिए अब तक छात्रावास न होने का मुद्दा विधानसभा में प्रमुखता से उठा। स्थानीय विधायक रामचंद्र सिंह द्वारा पूछे गए तारांकित प्रश्न के जवाब में राज्य सरकार के कल्याण विभाग ने स्पष्ट किया कि लातेहार जिला प्रशासन से प्रस्ताव मिलते ही निर्माण की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। विभाग ने इसके लिए लातेहार उपायुक्त (DC) से रिपोर्ट मांगी है।

विधायक ने पूछा, जनजाति क्षेत्र होने के बाद भी क्यों नहीं बना हॉस्टल?

विधायक रामचंद्र सिंह ने सवाल उठाया कि महुआडांड़ पूरी तरह से जनजाति बहुल क्षेत्र है। इसके बावजूद आज तक यहाँ छात्र-छात्राओं के सुलभ आवासन के लिए एसटी छात्रावास का निर्माण नहीं कराया गया। इसके कारण दूर-दराज के गांवों से आने वाले विद्यार्थियों को पढ़ाई के साथ-साथ रहने-खाने में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। उन्होंने सरकार से महुआडांड़ मुख्यालय में बालक एवं बालिका छात्रावास बनाने की समय-सीमा पूछी।

कल्याण विभाग का जवाब: जिला स्तर से प्रस्ताव मिलते ही बनेगी योजना

अनुसूचित जनजाति, अनुसूचित जाति, अल्पसंख्यक एवं पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग के संयुक्त सचिव विनोद कुमार बाँके ने बताया कि ‘झारखंड छात्रावास पोषण योजना 2024’ के तहत नए छात्रावासों का निर्माण शैक्षणिक संस्थानों की मांग और जिला स्तर पर डीसी की अध्यक्षता में बनी समिति की अनुशंसा के आधार पर होता है।
वर्तमान में लातेहार जिले से ऐसा कोई प्रस्ताव प्राप्त नहीं हुआ था। इसके बाद विभाग ने पत्रांक- 3058 (दिनांक 06.08.2026) जारी कर लातेहार उपायुक्त से तत्काल आवश्यक कार्रवाई करते हुए नए छात्रावास निर्माण का प्रस्ताव मांगा है। प्रस्ताव मिलते ही स्वीकृति की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी।

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विनीता चौबे को 10 साल का अनुभव है। उन्होनें सन्मार्ग से पत्रकारिता की शुरुआत की थी। फिर न्यूज विंग, बाइस स्कोप, द न्यूज पोस्ट में भी काम किया। वे राजनीति, अपराध, सामाजिक मुद्दों और स्थानीय घटनाओं से जुड़ी खबरों को सरल और तथ्यात्मक भाषा में पाठकों तक पहुंचाने के लिए जानी जाती हैं। पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय रहते हुए उनका प्रयास रहता है कि जमीनी स्तर की महत्वपूर्ण खबरों को सही और विश्वसनीय जानकारी के साथ लोगों तक पहुंचाया जाए।