
नई दिल्ली : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संसद के तीन दिवसीय विशेष सत्र से पहले दोनों सदनों के नेताओं को लिखे पत्र में सभी सदस्यों से महिला आरक्षण कानून में संशोधनों को पारित करने के लिए एकजुट होने का आह्वान किया है। उन्होंने कहा कि विस्तृत विचार-विमर्श के बाद हम इस निष्कर्ष पर पहुंचे हैं कि अब नारी शक्ति वंदन अधिनियम को देश भर में उसके सच्चे स्वरूप में लागू करने का समय आ गया है। प्रधानमंत्री ने शनिवार को लिखे पत्र में कहा, ‘यह अनिवार्य है कि 2029 के लोकसभा चुनाव और विधानसभा चुनाव महिलाओं के लिए आरक्षण के साथ हों।’
संसद के बजट सत्र की अवधि बढ़ा दी गई है और एक विशेष तीन दिवसीय सत्र 16 से 18 अप्रैल तक बुलाया गया है। भाजपा ने अपने सभी सांसदों को तीन लाइन का व्हिप जारी कर उनसे इस सत्र के दौरान सदन में उपस्थित रहने को कहा है। गौर हो कि लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान 2023 में संविधान में संशोधन करके लाया गया था। हालांकि, महिला आरक्षण 2027 की जनगणना के आधार पर परिसीमन प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही लागू हो पाता। यदि वर्तमान कानून यथावत रहता है तो आरक्षण 2034 से पहले लागू नहीं हो पाता। इसे 2029 के लोकसभा चुनाव से लागू करने के लिए नारी शक्ति वंदन अधिनियम में बदलाव की आवश्यकता थी; इसलिए सरकार कानून में संशोधन पारित करने के लिए विशेष सत्र आयोजित कर रही है।

