केंद्रीय मंत्रिपरिषद की बैठक बुधवार को, अध्यक्षता करेंगे पीएम मोदी

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नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बुधवार को केंद्रीय मंत्रिपरिषद की बैठक की अध्यक्षता करेंगे, जिसमें देश में कोविड की स्थिति, संभावित तीसरी लहर से निपटने की तैयारी और कुछ मंत्रालयों के कामकाज पर चर्चा होगी। सूत्रों ने मंगलवार को यह जानकारी दी।

भाजपा के अंदरूनी सूत्रों का मानना है कि मंत्रिपरिषद की बैठक महत्वपूर्ण हो जाती है, क्योंकि यह ऐसे समय में हो रही है, जब राजनीतिक गलियारों में मंत्रिमंडल विस्तार और फेरबदल की अटकलें लगाई जा रही हैं।

हालांकि, बैठक में कैबिनेट फेरबदल पर चर्चा के बारे में कोई आधिकारिक जानकारी नहीं मिली। पिछले एक महीने के भीतर इस तरह की यह तीसरी बैठक है।

पता चला है कि बैठक बुधवार शाम को वर्चुअली होने जा रही है, जिसमें प्रधानमंत्री के प्रधान सचिव, कैबिनेट सचिव, सदस्य (स्वास्थ्य) नीति आयोग डॉ वी.के.पॉल द्वारा कोविड महामारी के प्रबंधन पर एक प्रस्तुति दिए जाने की उम्मीद है।

यह भी बताया गया है कि कोविड पर व्यापक चर्चा बैठक का प्रमुख मुद्दा है, जिस दौरान सड़क और परिवहन मंत्रालय, नागरिक उड्डयन और दूरसंचार द्वारा किए गए कार्यो की समीक्षा की जा सकती है।

बैठक के एक सप्ताह बाद प्रधानमंत्री ने विभिन्न समूहों में कैबिनेट और राज्य मामलों के मंत्रियों के साथ अपने विभागों और संबंधित मंत्रालयों में चल रहे कार्यो के बारे में चर्चा की।

ये बैठकें प्रधानमंत्री के सरकारी आवास 7, लोक कल्याण मार्ग पर हुईं और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के अध्यक्ष जे.पी. नड्डा ने भी भाग लिया।

प्रधानमंत्री ने देश में कोविड की दूसरी लहर से उत्पन्न स्थिति पर चर्चा करने के लिए 30 अप्रैल को मंत्रिपरिषद के साथ बैठक की थी, जिसमें यह नोट किया गया कि मौजूदा महामारी इस सदी का बड़ा संकट है और दुनिया के लिए एक बड़ी चुनौती है।

उस बैठक में केंद्र, राज्य सरकारों और भारत के लोगों के सामूहिक प्रयासों के आधार पर कोविड से लड़ने के लिए भारत सरकार की टीम इंडिया के दृष्टिकोण पर प्रकाश डाला गया।

प्रधानमंत्री ने कहा था कि सरकार के सभी अंग स्थिति से निपटने के लिए एकजुट और तेजी से काम कर रहे हैं।

उन्होंने मंत्रियों से अपने-अपने क्षेत्रों के लोगों के संपर्क में रहने, उनकी मदद करने और उनकी प्रतिक्रिया प्राप्त करने का भी आग्रह किया था।

उन्होंने यह सुनिश्चित करने की आवश्यकता पर बल दिया था कि स्थानीय स्तर पर मुद्दों की तुरंत पहचान की जाए और उनका समाधान किया जाए।

मंत्रिपरिषद ने पिछले 14 महीनों में केंद्र और राज्य सरकारों और भारत के लोगों द्वारा किए गए सभी प्रयासों की भी समीक्षा की थी।

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