
पटना : भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी लेनिनवादी) लिबरेशन ने बुधवार को आरोप लगाया कि बिहार सरकार द्वारा नीट प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज मुकदमों को वापस लेने के फैसले के बावजूद पार्टी विधायक संदीप सौरभ और कई अन्य छात्र प्रदर्शनकारी पटना स्थित बेऊर केंद्रीय कारागार में बंद हैं।
इस बीच, जनशक्ति जनता दल (जजद) के प्रमुख तेज प्रताप यादव को मंगलवार देर शाम बेऊर केंद्रीय कारागार से रिहा कर दिया गया। यादव को राज्यव्यापी ‘बिहार बंद’ के दौरान कथित तौर पर बंद लागू कराने की कोशिश के आरोप में रविवार को गिरफ्तार किया गया था।
जजद नेताओं ने दावा किया कि छात्र संगठनों के नेताओं समेत कई अन्य प्रदर्शनकारियों को अभी रिहा किया जाना बाकी है।
पटना में 22 जुलाई को नीट के कथित प्रश्नपत्र लीक होने के खिलाफ प्रदर्शन के दौरान हिंसा भड़काने के आरोप में शुक्रवार को विधायक सौरभ को गिरफ्तार किया गया था और अदालत के आदेश पर उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया था।
ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (आइसा) के कार्यकर्ता और संदीप सौरभ के करीबी सहयोगी नौशाद अहदम ने ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा, ‘‘संदीप सौरभ की तत्काल रिहाई के लिए हमने संबंधित अधिकारियों के पास सभी आवश्यक दस्तावेज जमा कर दिए हैं, लेकिन अब तक उन्हें रिहा नहीं किया गया है। हम उनकी रिहाई का इंतजार कर रहे हैं।’’
भाकपा (माले-लिबरेशन) की केंद्रीय समिति के सदस्य कुमार परवेज ने भी इसी तरह की बात कहते हुए अधिकारियों से मामले में शीघ्र कार्रवाई करने की मांग की।
उन्होंने कहा, ‘‘सरकार के फैसले के बावजूद हमारे विधायक, आइसा के कार्यकर्ताओं और अन्य छात्र प्रदर्शनकारियों को अब तक रिहा नहीं किया गया है। हम उनकी रिहाई की प्रतीक्षा कर रहे हैं। संबंधित अधिकारियों को इस मामले में तेजी से कार्रवाई करनी चाहिए।’’ पटना की पुलिस अधीक्षक (नगर मध्य) ममता कल्याणी ने कहा, ‘‘पटना मध्य जिले से गिरफ्तार किए गए प्रदर्शनकारियों की रिहाई के संबंध में हमारी ओर से सभी औपचारिकताएं पूरी कर ली गई हैं। उम्मीद है कि उन्हें जल्द रिहा कर दिया जाएगा।’’
उन्होंने कहा कि रिहाई में देरी अन्य कानूनी औपचारिकताओं और गिरफ्तार प्रदर्शनकारियों की संख्या अधिक होने के कारण हो सकती है।

