नीट प्रश्नपत्र लीक मामले में बिहार बंद के समर्थन पर जेल भेजे गए तेजप्रताप यादव

नीट प्रश्नपत्र लीक मामले को लेकर बिहार बंद के समर्थन पर तेजप्रताप यादव को न्यायिक हिरासत में भेजा गया। तेजस्वी यादव ने गिरफ्तारी का विरोध करते हुए आंदोलन की चेतावनी दी।

Razi Ahmad
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पटना: बिहार के पूर्व मंत्री तेजप्रताप यादव को नीट प्रश्नपत्र लीक मामले को लेकर छात्र संगठनों द्वारा बुलाए गए बिहार बंद को लागू कराने की कोशिश के आरोप में रविवार को जेल भेज दिया गया। उनके वकील ने यह दावा किया।

वकील ने आरोप लगाया कि तेजप्रताप यादव की ‘‘गलत तरीके से गिरफ्तारी’’ किए जाने के बाद उनके छोटे भाई और राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के कार्यकारी अध्यक्ष तेजस्वी यादव भी उनके समर्थन में सामने आए।

उल्लेखनीय है कि करीब एक वर्ष पहले पिता लालू प्रसाद के नेतृत्व वाले राजद से तेजप्रताप यादव के निष्कासन में तेजस्वी की भूमिका मानी जाती है।

तेजप्रताप यादव के वकील जगन्नाथ सिंह ने बताया कि जनशक्ति जनता दल (जेजेडी) के प्रमुख को एक मजिस्ट्रेट द्वारा न्यायिक हिरासत में भेजे जाने के बाद शहर के बाहरी इलाके स्थित बेउर केंद्रीय कारागार भेज दिया गया है।

उन्होंने कहा, ‘‘लेकिन तथ्य यह है कि उन्हें शनिवार शाम साढ़े सात बजे पटना के एक मॉल से गिरफ्तार किया गया जबकि संबंधित थाने में प्राथमिकी रविवार तड़के करीब 12.15 बजे दर्ज की गई। मैं सोमवार को सक्षम अदालत में जमानत याचिका दायर करूंगा और इस विसंगति को भी अदालत के समक्ष रखूंगा।’’

तेजप्रताप यादव की कथित ‘‘गलत गिरफ्तारी’’ के आरोप पर पुलिस की ओर से कोई टिप्पणी नहीं की गई है।

उल्लेखनीय है कि राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (नीट) के प्रश्नपत्र लीक मामले को लेकर वामपंथी छात्र संगठनों द्वारा बुलाए गए बिहार बंद का समर्थन करने के आरोप में तेजप्रताप के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है।

वकील ने बताया कि शनिवार सुबह पुलिस ने उन्हें हिरासत में लिया था और कुछ ही देर बाद छोड़ दिया था लेकिन बाद में उन्हें फिर गिरफ्तार कर लिया गया।

विदेश में लंबी छुट्टी बिताकर पटना लौटे तेजस्वी यादव ने अपने ‘‘बड़े भाई’’ की गिरफ्तारी पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है।

राज्य विधानसभा में विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव ने कहा, ‘‘मेरे बड़े भाई को गलत तरीके से गिरफ्तार किया गया है और उन पर झूठे आरोप लगाए गए हैं। मुझे जानकारी मिली है कि बिहार बंद का समर्थन करने के कारण मेरी पार्टी के कई विधायकों को भी हिरासत में लिया गया है। बिहार की भाजपा नीत सरकार को चेतावनी देता हूं कि बंद समर्थकों के खिलाफ दर्ज सभी मामले वापस लिए जाएं, अन्यथा हम बड़ा आंदोलन शुरू करेंगे।’’

उन्होंने दावा किया कि यह हैरानी की बात है कि जब केंद्र सरकार दिल्ली में प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज मामले वापस लेने पर सहमत हो गई है, तब बिहार में इस तरह की दमनात्मक कार्रवाई की जा रही है।

तेजस्वी ने कहा, ‘‘मुख्यमंत्री (सम्राट चौधरी), जिन्हें जनता का समर्थन प्राप्त नहीं है और जिनके खिलाफ स्वयं आपराधिक मामले दर्ज हैं, उन्हें होश में आना चाहिए। मैंने यह भी सुना है कि बिहार बंद के समर्थकों पर एके-47 राइफलें तक तानी गईं।’’

बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के खिलाफ चुनाव लड़ रहे जन सुराज पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर ने आरोप लगाया कि तेजप्रताप यादव को ‘‘मेरा समर्थन करने की वजह से निशाना बनाया जा रहा है।’’

प्रशांत किशोर ने कहा, ‘‘हमने बार-बार निर्वाचन आयोग से शिकायत की है कि जन सुराज पार्टी का समर्थन करने वाले लोगों को पटना में पुलिस और प्रशासन, सत्तारूढ़ भाजपा के इशारे पर परेशान कर रहा है। तेजप्रताप यादव ने हाल ही में उपचुनाव में जन सुराज पार्टी का समर्थन करने की घोषणा की थी। संभवतः यही वजह है कि उन्हें भी निशाना बनाया जा रहा है।’’

उल्लेखनीय है कि तेजप्रताप यादव ने पहले सामाजिक कार्यकर्ता वीणा मांडवी को जनशक्ति जनता दल का उम्मीदवार बनाया था।

मांडवी का नामांकन पत्र खारिज होने के बाद राजद उम्मीदवार रेखा गुप्ता का समर्थन करने से परहेज कर रहे तेजप्रताप यादव ने प्रशांत किशोर का समर्थन करने की घोषणा की, जो फिलहाल राज्य के किसी भी राजनीतिक गठबंधन का हिस्सा नहीं हैं।

तेजप्रताप यादव की गिरफ्तारी की सिंगापुर में रहने वाली उनकी बड़ी बहन रोहिणी आचार्य ने भी कड़ी निंदा की।

रोहिणी आचार्य ने वर्ष 2024 का लोकसभा चुनाव राजद उम्मीदवार के रूप में सारण से लड़ा था, लेकिन बाद में तेजस्वी यादव के साथ मतभेद के बाद सक्रिय राजनीति से दूरी बना ली।

रोहिणी आचार्य ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में आरोप लगाया कि उनके भाई की ‘‘निराधार और झूठे आरोपों’’ में गिरफ्तारी ‘‘सम्राट चौधरी सरकार का अत्याचार’’ है।

उन्होंने सवाल किया, ‘‘बेहतर शिक्षा व्यवस्था की मांग कर रहे युवाओं का समर्थन करना क्या अपराध है?’’

उन्होंने कहा, ‘‘प्रदर्शन में भाग लेने के कारण गिरफ्तारी स्पष्ट रूप से उस सरकार की दमनकारी और तानाशाहीपूर्ण कार्रवाई है, जो बढ़ते जनाक्रोश से डर गई है। सम्राट चौधरी सरकार राजनीतिक विरोधियों को डराने के लिए पुलिस का दुरुपयोग कर रही है।’’

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रजी अहमद एक उभरते हुए कंटेंट राइटर हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में लगभग दो वर्षों का अनुभव है। उन्होंने न्यूज़ अरोमा में काम करते हुए विभिन्न विषयों पर लेखन किया और अपनी लेखन शैली को मजबूत बनाया। अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने कंटेंट राइटिंग, न्यूज़ लेखन और मीडिया से जुड़े विभिन्न पहलुओं में अच्छा अनुभव हासिल किया। वह लगातार सीखते हुए अपने करियर को आगे बढ़ा रहे हैं।