
नई दिल्ली : नेशनल एलिजिबिलिटी-कम-एंट्रेंस टेस्ट (अंडरग्रेजुएट) यानी मेडिकल कोर्सेज में एडमिशन के लिए होने वाली देश की सबसे महत्वपूर्ण परीक्षा ‘नीट’ के लिए अब सिर्फ एक महीने से भी कम समय बचा है। जानकारी के मुताबिक आगामी 3 मई को पूरे भारत में नीट परीक्षा आयोजित की जायेगी।
सिलेक्शन यकीनी बनाने को हर परीक्षार्थी को पूरी गंभीरता के साथ इस बचे हुए महीने में 90 से 95 फीसदी अब तक पढ़े गये सिलेबस को अच्छी तरह से फिर से दोहरा लेना होगा। इसमें रिविजन+प्रैक्टिस+एक्यूरेसी सौ फीसदी रहनी चाहिए। अगर इस तरीके से अंतिम महीने में फोकस रखेंगे, तो निश्चित रूप से रैंक हासिल कर लेंगे, जिससे नीट परीक्षा क्लियर की जा सके। कहते हैं जो छात्र अप्रैल महीने को पूरे फोकस के साथ पढ़े गये सिलेबस को दोहराने में लगाते हैं, मेडिकल एग्जाम पास करना उनके लिए आसान होता है।
हालांकि कोई भी परीक्षा सिर्फ ट्रिक से नहीं पास की जा सकती, हर परीक्षा को पास करने के लिए ईमानदारी से और गहराई से सिलेबस को पढ़ना बहुत जरूरी होता है। फिर भी अगर रिविजन का ढंग स्मार्ट हो, तो न केवल अपनी मेरिट बेहतर बनायी जा सकती है बल्कि टॉपर्स के ग्रुप में शामिल होने का अवसर भी हाथ लग सकता है, तो जानिये बचे हुए इस महीने को किस तरह स्मार्ट ढंग से इस्तेमाल किया जाए कि नीट परीक्षा में अच्छी रैंक के साथ पास हों। नीट परीक्षा में पूछे गये 50 फीसदी सवाल बायोलॉजी से होते हैं। इसलिए परीक्षा बेहतर मेरिट से पास करने के लिए बायोलॉजी को अपने फोकस में लाना होगा। इसके लिए आपको सिर्फ एनसीईआरटी की छठी से 12वीं तक की किताबों पर फोकस करना होगा। टिक किये गये महत्वपूर्ण सवालों को इन दिनों में हर दिन दो से तीन बार रिविजन करना होगा। साथ ही डायग्राम, टेबल्स और उदाहरण न केवल याद रखने होंगे कि बल्कि इतने प्रभावशाली ढंग से इनका इस्तेमाल करना होगा ताकि 340 से लेकर 360 अंक तक हासिल किए जा सकें। केमिस्ट्री यानी रसायन विज्ञान का प्रश्नपत्र 180 नंबर का होता है और आप उसमें 150 से 170 अंक हासिल कर लेते हैं, तो इसका मतलब है कि आप गंभीर और बेहद प्रभावाशाली छात्र हैं। बायोलॉजी के बाद नीट एग्जाम में दूसरा महत्वपूर्ण पेपर केमिस्ट्री का ही होता है।
इसकी तैयारी करते समय कुछ बातों पर सतर्कता से ध्यान देना होता है। खास करके ऑर्गेनिक केमिस्ट्री पढ़ते हुए रिएक्शन के साथ, इस रिएक्शन का नाम पता होना भी जरूरी है। केमिस्ट्री की तैयारी करने में भी एनसीईआरटी की किताबों की भी महत्वपूर्ण भूमिका रहेगी। केमिस्ट्री के फार्मूला अच्छी तरह से रटें और सवाल को हाल करते समय जरूरत पड़े तो परीक्षा पुस्तिका के ही एक हिस्से में न्यूमेरिकल की प्रैक्टिस कर लें। अगर बायोलॉजी नीट एग्जाम के आधे नंबर की हकदार होती है, तो फिजिक्स का पेपर रैंक बनाने के लिए महत्वपूर्ण होता है। फिजिक्स के पेपर की तैयारी करते हुए हर दिन न्यूमेरिकल की प्रैक्टिस करें, इनमें 50-60 सवाल ऐसे महत्वपूर्ण होते हैं, जिनसे दो-तीन सवाल हर बार आते हैं। फार्मूला शीट पर रिवाइज करें। कमजोर पाठों पर ज्यादा फोकस करें। फिजिक्स का पेपर भी 180 नंबर का होता है, जिसमें अगर 140 से 160 के बीच में नंबर ले आते हैं, तो मेरिट भी ठीक-ठाक बन सकती है।
रणनीति-4 : मॉक टेस्ट पर फोकस
नीट एग्जाम में नियमित रूप से मॉक टेस्ट करने से न सिर्फ टाइम मैनेजमेंट बेहतर रहता है बल्कि तैयारी भी बहुत अच्छी हो जाती है। हर हफ्ते दो से तीन फुल सिलेबस टेस्ट के मॉक टेस्ट देना परीक्षा के पहले के एक महीने में बहुत जरूरी है। यह टेस्ट ओएमआर शीट पर ही देने की प्रैक्टिस करें और हर टेस्ट के बाद तीन से चार घंटे तक अपने टेस्ट किए हुए पेपर का एनालिसिस करें और ध्यान से देखें कि कौन से सवाल लगातार गलत हो रहे हैं।
डेली रूटीन
सुबह 8 बजे हर हाल में बायोलॉजी के पेपर का रिविजन शुरू करें। दिन में 12 से 3 बजे के बीच फिजिक्स न्यूमेरिकल पर फोकस करें और शाम को 4 से 6 बजे तक केमिस्ट्री के पेपर पर ध्यान दें। रात में 9 बजे के बाद एक घंटे तक मिक्स और एमसीक्यू सवालों पर फोकस करें। वहीं नीट की तैयारी के दौरान इन दिनों कुछ कामों से बचने की कोशिश की जानी चाहिए। जैसे-नया टॉपिक शुरू न करें। बहुत सारी अलग-अलग किताबें न पढ़ें। कंपैरिजन और पैनिक से दूर रहें। सोशल मीडिया से दूर रहें। दरअसल नीट में सेलेक्शन मॉडल से कम और कंसिस्टेंसी व डिसिप्लिन से ज्यादा होता है।

