नेपाल की प्रधानमंत्री ने प्रवासी नागरिकों से अर्थव्यवस्था में योगदान देने का किया आह्वान

नेपाल की प्रधानमंत्री ने एनआरएनए सम्मेलन में प्रवासी नेपाली नागरिकों से एकता, निवेश और नवाचार के जरिए देश के आर्थिक विकास, समृद्धि और सतत प्रगति में सक्रिय योगदान देने का आह्वान किया

Vinita Choubey
3 Min Read
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काठमांडू: नेपाल की निवर्तमान प्रधानमंत्री सुशीला कार्की ने दुनिया भर में रह रहे प्रवासी नेपाली नागरिकों से एकता को बल देने और देश की आर्थिक समृद्धि एवं विकास में सक्रिय योगदान देने का आह्वान किया है। उन्होंने काठमांडू में आयोजित गैर-आवासीय नेपाली संघ (एनआरएनए) के 12वें वैश्विक सम्मेलन एवं अंतरराष्ट्रीय महासभा को संबोधित करते हुए कहा कि अकेले सरकार देश के विकास लक्ष्यों को हासिल नहीं कर सकती। कार्की ने कहा, ‘‘ नेपाल का विकास एवं समृद्धि केवल सरकार के प्रयासों से संभव नहीं है। देश और विदेश में रहने वाले सभी नेपाली नागरिकों का सहयोग, निवेश, ज्ञान और नवाचार समान रूप से महत्वपूर्ण है।’’

‘हमारी एकता, समृद्धि का आधार’ विषय पर आयोजित तीन दिवसीय सम्मेलन में दुनिया भर से 1,000 से अधिक प्रवासी नेपाली प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। यह सम्मेलन गैर-आवासीय नेपाली संघ का 12वां संस्करण था, जिसमें 12 सूत्रीय घोषणा-पत्र भी जारी किया गया। यह संगठन दुनिया भर में बसे लगभग 80 लाख नेपाली नागरिकों का प्रतिनिधित्व करता है। प्रधानमंत्री ने निवेश, ज्ञान साझा करने और सहयोग पर जोर देते हुए प्रवासी नेपाली नागरिकों से नेपाल में उपलब्ध निवेश अवसरों का लाभ उठाने और आर्थिक वृद्धि, पर्यावरण संरक्षण एवं सतत विकास में योगदान देने की अपील की।

सम्मेलन में पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष पर भी चिंता व्यक्त की गई। अमेरिका और इजराइल द्वारा 28 फरवरी को ईरान पर किए गए हमलों और तेहरान की जवाबी कार्रवाई के बाद यह संघर्ष पूरे खाड़ी क्षेत्र में फैल गया है। घोषणा-पत्र में कहा गया, ‘‘ हम पश्चिम एशिया की मौजूदा स्थिति को लेकर गहरी चिंता व्यक्त करते हैं और वहां रह रहे नेपाली नागरिकों की सहायता के लिए सरकार एवं अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों के साथ सहयोग को प्रतिबद्ध हैं।’’

घोषणा-पत्र में वैश्विक नेपाली समुदाय के बीच एकता को मजबूत करने और नेपाल के विकास कार्यों में अधिक निवेश की आवश्यकता पर बल दिया गया। इसके साथ ही नेपाल सरकार से अपील की गई कि वह प्रवासी निवेश को बढ़ावा देने के लिए नागरिकता, विदेशी निवेश, आयकर एवं संपत्ति लेनदेन से जुड़े कानूनों में सुधार कर अधिक अनुकूल नीतिगत माहौल तैयार करे। सम्मेलन में जलविद्युत, कृषि, पर्यटन, सूचना प्रौद्योगिकी एवं नवाचार आधारित उद्योगों को निवेश तथा सहयोग के प्रमुख क्षेत्रों के रूप में चिन्हित भी किया गया।

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