
Color Zone System: राजधानी पटना की सड़कों पर ट्रैफिक जाम को नियंत्रित करने के लिए परिवहन विभाग ने बड़ा फैसला लेते हुए ‘कलर जोन’ सिस्टम लागू करने की तैयारी की है। इसके तहत अब शहर में चलने वाले ऑटो को उनके रूट के आधार पर अलग-अलग रंगों में बांटा जाएगा। साथ ही बाहरी जिलों से आने वाले ऑटो की शहर में एंट्री पर रोक लगाने का भी निर्णय लिया गया है।
नए नियमों के अनुसार पटना नगर निगम, खगौल और दानापुर क्षेत्रों में केवल उन्हीं ऑटो और ई-रिक्शा को संचालन की अनुमति होगी, जिनका रजिस्ट्रेशन पटना जिले में होगा। दूसरे जिलों से आने वाले लगभग 10,000 ऑटो का परमिट अब शहर में मान्य नहीं रहेगा।
शहर को तीन प्रमुख जोन ग्रीन, येलो और ब्लू में बांटा जाएगा। ग्रीन जोन के ऑटो गांधी मैदान, अशोक राजपथ और पटना सिटी जैसे क्षेत्रों में चलेंगे। येलो जोन में राजा बाजार, आशियाना और सगुना मोड़ शामिल होंगे, जबकि ब्लू जोन के ऑटो अनीसाबाद और फुलवारी शरीफ क्षेत्रों के लिए निर्धारित किए गए हैं। प्रत्येक ऑटो पर रूट कोड और रंग स्पष्ट रूप से अंकित रहेगा ताकि संचालन में पारदर्शिता बनी रहे।
सरकार ने 2014 के बाद अब 25,000 नए ऑटो परमिट जारी करने की योजना भी बनाई है। इसके लिए एक ऑनलाइन डिजिटल पोर्टल तैयार किया जा रहा है, जिससे आवेदन प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी होगी और बिचौलियों की भूमिका खत्म हो जाएगी।
परिवहन विभाग ने स्पष्ट किया है कि नियमों का उल्लंघन करने वाले ऑटो पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। विशेष जांच दल (फ्लाइंग स्क्वाड) की तैनाती की जाएगी, जो रूट और रंग कोड की निगरानी करेंगे। गलत संचालन पाए जाने पर जुर्माना, परमिट रद्द और वाहन जब्ती तक की कार्रवाई होगी।

