

नयी दिल्ली: डिजिटल भुगतान कंपनी फोनपे ने सोमवार को ‘फोनपे यूपीआई 123पे’ सेवा शुरू करने की घोषणा की, जिसके जरिये फीचर फोन उपयोगकर्ता भी इंटरनेट कनेक्शन के बगैर यूपीआई से भुगतान कर सकेंगे। कंपनी ने दावा किया कि इस सेवा के साथ वह फीचर फोन उपयोगकर्ताओं को यूपीआई भुगतान की सुविधा देने वाली पहली प्रमुख टीपीएपी कंपनी बन गई है। इस समय देश में 20 करोड़ से अधिक फीचर फोन उपयोगकर्ता होने का अनुमान है।





फोनपे के मुताबिक, यह सेवा उसकी स्वामित्व वाली प्रौद्योगिकी पर आधारित है और लेनदेन को सीमित 2जी कनेक्टिविटी वाले क्षेत्रों में भी भरोसेमंद बनाने के लिए एसएमएस आधारित ढांचे का इस्तेमाल करती है। कंपनी ने इस सेवा को अपने उपकरणों में पहले से उपलब्ध कराने के लिए नोकिया, एचएमडी, लावा इंटरनेशनल और आईटेल मोबाइल जैसे मोबाइन फोन विनिर्माताओं के साथ साझेदारी की है।
फोनपे के संस्थापक एवं मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) समीर निगम ने कहा, ‘‘फोनपे यूपीआई 123पे के जरिये फीचर फोन पर यूपीआई लाने से डिजिटल भुगतान का लाभ स्मार्टफोन से आगे देश के हर कोने तक पहुंचेगा।’’ उन्होंने कहा कि इस पहल का उद्देश्य अगले 30 करोड़ उपयोगकर्ताओं को डिजिटल भुगतान के दायरे में लाकर वित्तीय समावेशन को बढ़ावा देना है।
इस सेवा के जरिये उपयोगकर्ता एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति (पी2पी) और व्यक्ति से व्यापारी (पी2एम) को भुगतान कर सकेंगे। कैमरे वाले फीचर फोन में क्यूआर कोड को स्कैन करने की सुविधा भी होगी। इसके अलावा उपयोगकर्ता खाते का प्रबंधन, शेष राशि की जांच और लेनदेन का इतिहास भी देख सकेंगे। पहली बार सेवा का इस्तेमाल करने वाले उपयोगकर्ताओं की सहायता के लिए कंपनी ने आवाज-आधारित कृत्रिम मेधा (एआई) हेल्पलाइन भी शुरू की है। इससे अंग्रेजी और 12 भारतीय भाषाओं में जरूरी जानकारी मुहैया कराई जाएगी।
फोनपे ने कहा कि आगे के अपडेट में बिजली-पानी आदि के बिल भुगतान, रिचार्ज और आधार आधारित सेवा शुरू करने जैसी अतिरिक्त सुविधाएं भी जोड़ी जाएंगी। जुलाई, 2026 तक फोनपे के पंजीकृत उपयोगकर्ताओं की संख्या 71.5 करोड़ से अधिक थी, जबकि उसके व्यापारी नेटवर्क में पांच करोड़ से अधिक भागीदार थे।
