प्रेमानंद महाराज की तबीयत बिगड़ी, अनिश्चितकाल के लिए रुकी पदयात्रा, बिना दर्शन लौटे हजारों भक्त

वृंदावन में प्रेमानंद महाराज की तबीयत बिगड़ने के बाद उनकी पदयात्रा और एकांतिक दर्शन अनिश्चितकाल के लिए बंद कर दिए गए, हजारों श्रद्धालु बिना दर्शन लौटे और स्वास्थ्य लाभ की प्रार्थना कर रहे।

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मथुरा : वृंदावन के प्रसिद्ध संत प्रेमानंद महाराज की तबीयत अचानक खराब हो गई है। स्वास्थ्य बिगड़ने के बाद उनकी नियमित पदयात्रा और एकांतिक दर्शन को फिलहाल अनिश्चितकाल के लिए रोक दिया गया है। यह खबर सामने आते ही देशभर से वृंदावन पहुंचे श्रद्धालुओं में मायूसी छा गई। आश्रम की ओर से बताया गया कि महाराज जी लंबे समय से किडनी की बीमारी से जूझ रहे हैं। डॉक्टरों ने उन्हें पूरी तरह आराम करने की सलाह दी है, जिसके बाद यह फैसला लिया गया।

इंतजार करते रहे भक्त, लेकिन बाहर नहीं आए महाराज

रविवार देर रात से ही बड़ी संख्या में श्रद्धालु महाराज जी के दर्शन के लिए वृंदावन पहुंचने लगे थे। रोज की तरह भक्त सोमवार तड़के करीब 3 बजे उनकी पदयात्रा का इंतजार कर रहे थे, लेकिन इस बार प्रेमानंद महाराज बाहर नहीं निकले। कुछ देर बाद आश्रम के शिष्य वहां पहुंचे और लाउडस्पीकर के जरिए जानकारी दी कि महाराज जी की तबीयत ठीक नहीं है। साथ ही श्रद्धालुओं से सड़क किनारे भीड़ नहीं लगाने और व्यवस्था बनाए रखने की अपील की गई। घोषणा के बाद कई भक्त भावुक नजर आए और बिना दर्शन किए वापस लौट गए।

21 साल से किडनी की बीमारी से जूझ रहे हैं महाराज

केली कुंज आश्रम के मुताबिक, प्रेमानंद महाराज पिछले 21 वर्षों से किडनी से जुड़ी बीमारी से पीड़ित हैं। बीते कुछ दिनों में उनकी तबीयत ज्यादा खराब हुई, जिसके बाद डॉक्टरों ने उन्हें पूर्ण आराम की सलाह दी। इसी वजह से फिलहाल उनकी पदयात्रा और एकांतिक दर्शन बंद कर दिए गए हैं। हालांकि आश्रम की ओर से अभी यह नहीं बताया गया है कि ये कार्यक्रम दोबारा कब शुरू होंगे।

हर दिन हजारों श्रद्धालु पहुंचते हैं वृंदावन

प्रेमानंद महाराज रोजाना तड़के केली कुंज आश्रम से करीब डेढ़ किलोमीटर पैदल चलकर सौभरी वन तक जाते हैं। उनकी इस पदयात्रा में शामिल होने और दर्शन पाने के लिए हर दिन हजारों श्रद्धालु वृंदावन पहुंचते हैं। सामान्य दिनों में करीब 20 हजार भक्त उनके दर्शन के लिए आते हैं। फिलहाल महाराज जी के स्वास्थ्य को लेकर भक्त चिंतित हैं और उनके जल्द स्वस्थ होने की प्रार्थना कर रहे हैं।

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विनीता चौबे को 10 साल का अनुभव है। उन्होनें सन्मार्ग से पत्रकारिता की शुरुआत की थी। फिर न्यूज विंग, बाइस स्कोप, द न्यूज पोस्ट में भी काम किया। वे राजनीति, अपराध, सामाजिक मुद्दों और स्थानीय घटनाओं से जुड़ी खबरों को सरल और तथ्यात्मक भाषा में पाठकों तक पहुंचाने के लिए जानी जाती हैं। पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय रहते हुए उनका प्रयास रहता है कि जमीनी स्तर की महत्वपूर्ण खबरों को सही और विश्वसनीय जानकारी के साथ लोगों तक पहुंचाया जाए।