झारखंड : कोरोना काल की स्पेशल ट्रेनों को किया गया सामान्य पर रियायतें नदारद

ट्रेन टिकटों में 53 प्रकार की मिलती थीं रियायतें

रांची: कोरोना काल में रेलवे ने पैसेंजर्स की कई रियायतों और छूट पर कैंची चलाते ही ट्रेनों का परिचालन स्पेशल ट्रेन के रूप में कर दिया था।

पैसेंजर्स की विशेष सुविधाओं पर विराम लग गया था। अब कोरोना संक्रमण कम हुआ और रांची रेलमंडल में 39 स्पेशल ट्रेनों को सामान्य ट्रेनों में तब्दील कर परिचालन शुरू कर दिया गया है, जबकि मंडल में 43 ट्रेनों का परिचालन किया जा रहा है।

इसके बावजूद इन ट्रेनों में पहले जो रियायत टिकट में विभिन्न कैटेगरी के लोगों को मिलती थी, वो अब तक नहीं मिल पा रही हैं। इससे पैसेंजर्स की परेशानी बढ़ गई है।

ट्रेन टिकटों में 53 प्रकार की मिलती थीं रियायतें

चूंकि अब कोविड के मामले घटने के बाद ट्रेनों को नार्मल करने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है। परंतु विशेष रूप से सीनियर सिटीजन को किराया में जो छूट मिलती थी, वो नहीं मिल रही है।

पूर्व में टिकट काटने के समय उम्र दर्ज करते ही छूट की नियमावली लागू हो जाती थी, परंतु अभी तक 60 पार व्यक्ति को पूरा किराया देकर सफर ही करना पड़ रहा है।

रेलवे के द्वारा 53 प्रकार की रियायत ट्रेन टिकटों में दी जाती थी। इसमें वरिष्ठ नागरिक के अलावा दिव्यांग, खिलाड़ी, मीडिया और सैनिक की वीरांगनाओं को 25.75 परसेंट बेसिक किराया में छूट मिल रही थी, जो कोरोना काल से अब तक बंद ही है।

बेडरोल की सुविधा भी बंद

वर्तमान में ट्रेनों में बेडरोल की सुविधा को रेल मंत्रालय ने अगले आदेश तक बंद कर दिया है। जिन ट्रेनों में पेंट्रीकार की सुविधा थी, वहां भी कैटरिंग की सुविधा फेज वाइज चालू करने की प्रक्रिया जारी है।

सिर्फ विशेष मरीजों को ही छूट

वर्तमान में रांची रेलमंडल से चलने वाली चयनित ट्रेनों में विशेष मरीजों को किराया में छूट मिल रही है। इसमें हार्ट के मरीज, किडनी के मरीज, कैंसर के मरीज समेत अन्य शामिल हैं।

वर्तमान में दिव्यांग कैटेगरी को भी रियायत वाली सुविधा में शामिल किया गया है। वहीं, रेलकर्मियों को मिलने वाले प्रिवेलेज पास को भी कम कर दिया गया है।

इन छात्राओं का फ्री हो सकता है टिकट

जानकारी के अनुसार, आने वाले दिनों में स्नातक तक पढ़ाई करने वाली लड़कियों का मंथली सीजन टिकट फ्री किया जा सकता है। वहीं, 12वीं तक पढ़ने वाले छात्रों का भी एमएसटी निरूशुल्क हो सकता है। फिलहाल रेलवे प्रशासन ने इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।

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