
नयी दिल्ली: आम आदमी पार्टी (आप) छोड़ने के फैसले पर कुछ हलकों में सवाल उठाये जाने के बीच, राघव चड्ढा ने सोमवार को कहा कि अरविंद केजरीवाल की पार्टी के अंदर का माहौल खराब हो चुका था और नेताओं को काम करने से रोका जा रहा था। चड्ढा ने कहा कि ‘‘एक या दो व्यक्ति गलत हो सकते हैं, लेकिन सभी सात नहीं।’’
छह अन्य सांसदों के साथ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) में शामिल हुए राघव चड्ढा ने सोशल मीडिया पर पोस्ट किये गए एक वीडियो में कहा कि पिछले तीन दिनों में उन्हें कई संदेश मिले हैं। उन्होंने कहा कि कुछ संदेशों में लोगों ने उन्हें बधाई दी जबकि कुछ उनके इस फैसले का कारण जानना चाहते हैं।
चड्ढा ने बताया कि उन्होंने एक सफल चार्टर्ड अकाउंटेंट के रूप में अपना करियर छोड़कर राजनीति में कदम रखा और आम आदमी पार्टी के एक संस्थापक सदस्य बने। उन्होंने पार्टी को खड़ा करने के लिए अपनी जवानी के 15 साल लगा दिए। उन्होंने कहा, ‘मैं राजनीति में करियर बनाने नहीं आया था।’ उन्होंने कहा कि उन्होंने पार्टी के लिए अपना ‘‘खून-पसीना बहाया है।’’ उन्होंने आरोप लगाया कि हालांकि, पार्टी अब पहले जैसी नहीं रही और पार्टी में माहौल खराब हो गया है, जहां नेताओं को काम करने से और संसद में बोलने से रोका जाता है।
चड्ढा ने आरोप लगाया, ‘‘आज यह राजनीतिक दल कुछ भ्रष्ट और समझौता किये हुए लोग लोगों के हाथों में फंसा हुआ है। वे देश के लिए नहीं, बल्कि अपने निजी लाभ के लिए काम करते हैं।’’
उनके इस आरोप पर आम आदमी पार्टी (आप) की ओर से तत्काल कोई प्रतिक्रिया नहीं आयी।

