सोनाली सिंह सुसाइड केस में रामगढ़ पुलिस की पहली कार्रवाई, SI ओंकार पाल निलंबित

News Aroma Media
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Ramgarh News: रामगढ़ थाना क्षेत्र के रांची रोड, इंदिरा कॉलोनी में 25 वर्षीय सोनाली सिंह के आत्महत्या मामले में पुलिस ने पहली कार्रवाई की है। शुक्रवार को बोकारो रेंज के आईजी क्रांति कुमार गड़िदेशी रामगढ़ पहुंचे और मामले की गहन जांच शुरू की। उन्होंने सब इंस्पेक्टर (SI) ओंकार पाल को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। आईजी ने कहा कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होगी और दिसंबर 2024 में सौरभ सिंह की आत्महत्या से जुड़े मामले की भी समीक्षा की जाएगी।

सुसाइड नोट पर पुलिस का ध्यान

आईजी क्रांति कुमार ने बताया कि सोनाली ने बुधवार शाम उस समय आत्महत्या की, जब उसके माता-पिता बाजार गए थे। उसने अपने कमरे में पंखे से लटककर जान दे दी। कमरे से बरामद सुसाइड नोट में सोनाली ने सौरभ सिंह और पुलिस की ओर से मानसिक प्रताड़ना का जिक्र किया है। पुलिस इस नोट की गंभीरता से जांच कर रही है।

सोनाली थी शिक्षित और शिक्षिका

सोनाली के पिता विमल सिंह ने बताया कि उनकी बेटी ने बीएससी जियोलॉजी ऑनर्स और बीएड की पढ़ाई पूरी की थी। वह रामगढ़ के सेंट एंस स्कूल में साइंस टीचर थी। उन्होंने आरोप लगाया कि पड़ोस के सौरभ सिंह लंबे समय से उनकी बेटी को ब्लैकमेल कर रहा था। इसकी शिकायत महिला थाने में की गई थी, लेकिन केवल दोनों पक्षों से बॉन्ड भरवाकर मामला रफा-दफा कर दिया गया।

सौरभ सिंह की आत्महत्या और बाद का विवाद

दिसंबर 2024 में सौरभ सिंह ने आत्महत्या कर ली थी। इसके बाद सौरभ के परिवार ने सोनाली को जिम्मेदार ठहराते हुए रामगढ़ थाने में कांड संख्या 383/24 दर्ज कराया। इसके बाद से सोनाली को बार-बार जांच के नाम पर थाने बुलाया गया। परिजनों का कहना है कि पुलिस की बेरुखी और लगातार मानसिक दबाव ने सोनाली को आत्महत्या के लिए मजबूर किया।

चाइल्ड राइट्स फाउंडेशन की मांग

इस मामले ने तूल पकड़ लिया है। चाइल्ड राइट्स फाउंडेशन के सचिव बैद्यनाथ कुमार ने राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग, डीजीपी, बोकारो आईजी और रामगढ़ एसपी से दोषी पुलिसकर्मियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है।

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