भारतीय युवक संघ, बकरी बाजार के पंडाल में इस बार दिखेगा बृहदेश्वर मंदिर का प्रारुप

रांची के बकरी बाजार में इस वर्ष शारदीय नवरात्र पर श्री दुर्गा पूजा का भव्य आयोजन होगा, जिसमें तंजावुर के बृहदेश्वर मंदिर का प्राकृतिक पंडाल श्रद्धालुओं को आकर्षित करेगा।

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रांची : भारतीय युवक संघ, बकरी बाज़ार के प्रांगण में इस वर्ष भी शारदीय नवरात्र के अवसर पर श्री दुर्गा पूजा का भव्य आयोजन किया जाएगा। इस बार पूजा में यहां बृहदेश्वर मंदिर का प्रारुप बनाया जायेगा। शारदीय नवरात्र इस वर्ष 11 अक्टूबर से आरंभ होगा। भारतीय युवक संघ सन् 1958 से विभिन्न सांस्कृतिक धार्मिक औररचनात्मक कार्यों से समाज के समुचित विकास में अपनी सक्रिय भूमिका निभाती आ रही है। संस्था के अध्यक्ष राहुल अग्रवाल ने बताया कि इस बार की पूजा में तमिलनाडु के तंजावुर जिले में स्थित बृहदेश्वर मंदिर का एक भव्य और अलौकिक दृश्य पंडाल के रूप में सभी श्रद्धालुओं को देखने को मिलेगा। इस वर्ष भी पंडाल का निर्माण पूरी तरह प्राकृतिक चीजों से कराया जाएगा जिसकी बारीकी और कारीगरी फिर से मां के भक्तों का मन मोह लेगी। पंडाल के डिजाइन का काम बंगाल में शुरू कर दिया गया है साथ ही पंडाल के बाहर एक भव्य नंदी जी भी विराजमान रहेंगे जो भक्तों का ध्यान आकर्षित करेंगे। जुलाई महीने के प्रथम सप्ताह में पूजा परिसर में भूमि पूजन कर पंडाल निर्माण कार्य शुरू हो जाएगा।

बृहदेश्वर मंदिर, जिसे ‘पेरुवुदैयार कोविल’ भी कहा जाता है, तमिलनाडु के तंजावुर में स्थित भगवान शिव को समर्पित एक यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल है। यह मंदिर ग्रेनाइट से बना है, जिसका 66 मीटर ऊँचा शिखर और 80 टन का कुंभम (शीर्ष पत्थर) बिना नींव के खड़ा है।

इस मंदिर की मुख्य विशेषताएं

स्थान: यह मंदिर तमिलनाडु के तंजावुर में कावेरी नदी के दक्षिण तट पर स्थित है। निर्माण और इतिहास: इसका निर्माण चोल सम्राट राजा राजा प्रथम ने 1003-1010 ईस्वी के बीच करवाया था। यह 1000 वर्ष से अधिक पुराना है। वास्तुकला: यह द्रविड़ शैली का उत्कृष्ट उदाहरण है। यह पूरी तरह से ग्रेनाइट पत्थरों से बना दुनिया का पहला मंदिर माना जाता है, जिसमें लगभग 1,30,000 टन ग्रेनाइट का उपयोग हुआ है।
अद्भुत शिखर: मंदिर का मुख्य शिखर 13 मंजिल ऊँचा है। इसके शीर्ष पर लगा 80 टन वजनी गुंबद एक ही पत्थर से बना है, और मान्यता है कि इसकी छाया ज़मीन पर कभी नहीं पड़ती।
विशाल नंदी: मंदिर के प्रवेश द्वार पर नंदी की एक विशाल प्रतिमा है, जो भारत में दूसरी सबसे बड़ी नंदी प्रतिमा है। यह 6 मीटर लंबी और 37 मीटर ऊँची है।
शिवलिंग: मंदिर के गर्भगृह में 12 फीट ऊँचा विशाल शिवलिंग स्थापित है।
महत्वपूर्ण तथ्य: यूनेस्को विश्व धरोहर: यह “ग्रेट लिविंग चोला टेम्पल्स” का हिस्सा है।
स्थानीय नाम: इसे तंजौर का बड़ा मंदिर भी कहते हैं।

इस भव्य मंदिर का प्रारूप तैयार करने की जिम्मेदारी रचनात्मक कलाओं में उत्तीर्ण एवं बंगाल के उत्कृष्ट कलाकार पार्वती डेकोरेटर्स के अशोक दा को सौंपीं गई है। साथ ही मूर्ति निर्माण का कार्य शिल्पकला में पारंगत बंगाल के अनुप दा द्वारा किया जाएगा। सभा में अध्यक्ष राहुल अग्रवाल, रवि रोहत्गि, सत्येंद्र जालान, विनोद छापड़िया, संजय चौधरी, अमर पोद्दार, किशन मोदी, राजा भालोटिया, मनीष साहू, राकेश गोयल, सुनील पोद्दार, किशोरी पोद्दार, कमल खेतावत, विनोद टिबरेवाल, अमित बजाज, सचिन मोतीका, अरविंद चौधरी, पवन लोहिया, सिद्धांत तोदी, सौरव अग्रवाल, आकाश अग्रवाल, चंदन चौधरी एवं अन्य सदस्यगण उपस्थित थे।

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विनीता चौबे को 10 साल का अनुभव है। उन्होनें सन्मार्ग से पत्रकारिता की शुरुआत की थी। फिर न्यूज विंग, बाइस स्कोप, द न्यूज पोस्ट में भी काम किया। वे राजनीति, अपराध, सामाजिक मुद्दों और स्थानीय घटनाओं से जुड़ी खबरों को सरल और तथ्यात्मक भाषा में पाठकों तक पहुंचाने के लिए जानी जाती हैं। पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय रहते हुए उनका प्रयास रहता है कि जमीनी स्तर की महत्वपूर्ण खबरों को सही और विश्वसनीय जानकारी के साथ लोगों तक पहुंचाया जाए।