शिकायतकर्ता शबाना शफी के अनुसार, शाहीन फजल सिम्मी, नसीम अली, नईमुल्लाह खान और नासिर खान की ओर से कथित तौर पर ऐसा दस्तावेज तैयार किया गया, जिस पर उन्होंने स्वयं हस्ताक्षर नहीं किए थे। फिलहाल ये आरोप हैं, जिनकी पुष्टि पुलिस जांच के बाद ही हो सकेगी।

जून 2026 में मिली कथित जालसाजी की जानकारी
शिकायत के मुताबिक, शबाना शफी को 12 जून 2026 को कथित फर्जीवाड़े की जानकारी मिली। इसके बाद उन्होंने 15 जून को धुर्वा थाना (तुपुदाना ओपी) में लिखित शिकायत दी।
शिकायतकर्ता का कहना है कि स्थानीय स्तर पर कार्रवाई नहीं होने पर उन्होंने 22 जून को स्पीड पोस्ट के जरिए सिटी एसपी और थाना प्रभारी को भी आवेदन भेजा। उनके मुताबिक, शिकायत जून के अंतिम सप्ताह में संबंधित अधिकारियों तक पहुंच गई थी, लेकिन इसके बावजूद कोई कार्रवाई नहीं हुई।
पुलिस से कार्रवाई नहीं होने पर अदालत पहुंचीं शिकायतकर्ता
पुलिस से कार्रवाई नहीं होने का आरोप लगाते हुए शबाना शफी ने अदालत में शिकायतवाद दायर किया। मामले की सुनवाई के दौरान अदालत ने उपलब्ध तथ्यों के आधार पर प्रथम दृष्टया संज्ञेय अपराध की संभावना पाई।
इसके बाद निष्पक्ष जांच की जरूरत को देखते हुए अदालत ने प्राथमिकी दर्ज कर मामले की जांच करने का निर्देश दिया।
अब पुलिस करेगी आरोपों की जांच
अदालत के आदेश के बाद मामले में पुलिस कार्रवाई का रास्ता खुल गया है। जांच के दौरान कथित एकरारनामे, हस्ताक्षरों और शिकायत में लगाए गए आरोपों की पड़ताल की जाएगी।
हालांकि, प्राथमिकी दर्ज होने या जांच का आदेश दिए जाने का अर्थ आरोपों का साबित होना नहीं है। मामले में संबंधित पक्षों की भूमिका और दस्तावेज की वास्तविकता जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।


