रांची में ड्रग्स तस्करी की जांच तेज, मोरहाबादी से कांके रोड तक बार और रेस्तरां NCB के रडार पर

रांची में ड्रग्स तस्करी के खिलाफ एनसीबी की कार्रवाई तेज हो गई है। मोरहाबादी और कांके रोड के कई बार और रेस्तरां जांच के दायरे में आ गए हैं।

Razi Ahmad
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रांची: झारखंड में मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) ने जांच तेज कर दी है। रांची और जमशेदपुर में की गई कार्रवाई के बाद अब राजधानी के कुछ बार और रेस्तरां भी जांच के दायरे में आए हैं। इनमें मोरहाबादी स्थित रूइन हाउस और कांके रोड का ऑन द रॉक्स बार शामिल हैं।

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, NCB ने ऑन द रॉक्स के संचालक सिद्धांत सुमन को 28 अक्टूबर को पूछताछ के लिए बुलाया है। हालांकि, इन प्रतिष्ठानों की कथित भूमिका को लेकर अभी जांच जारी है। जांच के दायरे में आने का मतलब यह नहीं है कि किसी प्रतिष्ठान या उसके संचालक की संलिप्तता साबित हो गई है।

छह गिरफ्तारियों के बाद बढ़ी जांच

अक्टूबर के मध्य में NCB ने रांची और जमशेदपुर में कार्रवाई करते हुए ड्रग्स तस्करी के आरोप में छह लोगों को गिरफ्तार किया था। इनमें रजत जैन उर्फ जिम्मी, उदित कुमार, आकाश मल्होत्रा, स्नेहा पासवान, मिलन सिंह और ऋषभ जैन के नाम सामने आए हैं।

एजेंसी अब आरोपियों के संपर्कों, मादक पदार्थों की आपूर्ति और संभावित स्थानीय नेटवर्क की पड़ताल कर रही है। जांच का उद्देश्य यह पता लगाना है कि नशीले पदार्थ कहां से लाए जा रहे थे और उनकी सप्लाई किन लोगों के जरिए की जाती थी।

स्टेशन रोड से शुरू हुई कार्रवाई

रिपोर्ट के मुताबिक, 14 अक्टूबर को रांची के स्टेशन रोड इलाके में एक संदिग्ध कार की तलाशी के दौरान करीब 18 ग्राम कोकीन और 15 से 16.5 ग्राम MDMA बरामद किया गया था। इसके बाद पूछताछ और आरोपियों से मिली जानकारी के आधार पर अन्य ठिकानों पर भी छापेमारी की गई।

रांची के बोड़ेया स्थित बैंक कॉलोनी के एक आवास से करीब 3.5 ग्राम गांजा और MDMA की गोलियां मिलने की जानकारी भी सामने आई है। इसके बाद जांच का विस्तार जमशेदपुर तक हुआ, जहां जुगसलाई इलाके से मिलन सिंह और ऋषभ जैन को गिरफ्तार किए जाने की बात कही गई है।

विदेशी नंबरों और दूसरे शहरों से संपर्क की पड़ताल

NCB की जांच में थाईलैंड, ब्रिटेन और अमेरिका से जुड़े मोबाइल नंबरों का जिक्र भी सामने आया है। एजेंसी इन नंबरों और आरोपियों के बीच संभावित संबंधों की जांच कर रही है। इसके अलावा गोवा, दिल्ली और जयपुर तक फैले संभावित संपर्कों की कड़ियां भी खंगाली जा रही हैं।

फिलहाल, कथित नेटवर्क का संचालन कौन कर रहा था, मादक पदार्थों की सप्लाई कहां से होती थी और अलग-अलग संपर्कों की इसमें क्या भूमिका थी, इन सवालों के जवाब जांच के बाद ही स्पष्ट हो पाएंगे।

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रजी अहमद एक उभरते हुए कंटेंट राइटर हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में लगभग दो वर्षों का अनुभव है। उन्होंने न्यूज़ अरोमा में काम करते हुए विभिन्न विषयों पर लेखन किया और अपनी लेखन शैली को मजबूत बनाया। अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने कंटेंट राइटिंग, न्यूज़ लेखन और मीडिया से जुड़े विभिन्न पहलुओं में अच्छा अनुभव हासिल किया। वह लगातार सीखते हुए अपने करियर को आगे बढ़ा रहे हैं।