रांची: राजधानी रांची में फर्जी लेटरहेड और मुहर के इस्तेमाल कर प्रशासनिक अधिकारियों के खिलाफ शिकायत दर्ज कराने का मामला सामने आया है। आदिवासी छात्र संघ के नेता संजय महली ने आरोप लगाया है कि उनके संगठन के लेटरहेड और मुहर का कथित तौर पर गलत इस्तेमाल कर कई अधिकारियों के खिलाफ भ्रष्टाचार की शिकायतें की गई हैं।
संजय महली का कहना है कि उन्होंने अपने नाम से किसी भी अधिकारी के खिलाफ ऐसी शिकायत नहीं की है। उन्हें इस पूरे मामले की जानकारी आरटीआई यानी सूचना के अधिकार के माध्यम से मिली।
जानकारी के मुताबिक, 20 से 22 अक्टूबर 2026 के बीच रांची उपायुक्त कार्यालय में कई प्रशासनिक अधिकारियों के खिलाफ शिकायतें पहुंची थीं। इनमें भू-अर्जन कार्यालय, जिला अभिलेखागार, नगड़ी, नामकुम और रातू अंचल के अधिकारियों के नाम शामिल हैं।

शिकायतों में अधिकारियों पर कथित तौर पर रिश्वतखोरी, भूमि माफियाओं से संबंध, सरकारी अभिलेखों में हेरफेर और अवैध संपत्ति अर्जित करने जैसे गंभीर आरोप लगाए गए थे। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है।
इस मामले में संजय महली ने भू-अर्जन विभाग में नाजिर के पद पर कार्यरत अमित कुमार गुप्ता पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका दावा है कि रैयतों के हित में आवाज उठाने के कारण उन्हें झूठे मामले में फंसाने की साजिश की जा रही है।
संजय महली ने पहले सिटी एसपी के समक्ष शिकायत दर्ज कराई थी। वहीं, बुधवार को वे कोतवाली थाना पहुंचे और अमित कुमार गुप्ता के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने के लिए आवेदन सौंपा।
उन्होंने पुलिस से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने, फर्जी लेटरहेड और मुहर का इस्तेमाल करने वालों की पहचान करने तथा दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की है।


