रांची : रांची नगर निगम ने शहर में अतिक्रमण, अवैध विज्ञापनों और राजस्व संग्रहण को लेकर कड़ा रुख अपनाया है। निगम द्वारा जारी सूचना के अनुसार एम.एस. वार्ड संख्या 4 स्थित प्लॉट संख्या MS-161-0 (रकबा 193 कड़ी) पर दुकानों के वैध आवंटन के दावों का सत्यापन करने की अंतिम तिथि 24 सितंबर 2026 तय की गई थी।

निर्धारित समयसीमा समाप्त होने तक किसी भी दावेदार द्वारा कोई वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किया गया, जिसके बाद निगम ने उस स्थल पर निर्मित सभी अनाधिकृत संरचनाओं को हटाकर भूमि को अतिक्रमणमुक्त कराने का निर्णय लिया है। इस मुक्त कराई गई भूमि पर जनसुविधा के लिए वार्ड कार्यालय, सामुदायिक भवन और हेल्थ सेंटर जैसे जनोपयोगी भवनों का निर्माण कराया जाएगा। निगम ने चेतावनी दी है कि इस कार्रवाई में बाधा डालने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कदम उठाए जाएंगे।
दूसरी ओर, शहर में अवैध रूप से लगे विज्ञापन पट्टों (होर्डिंग्स, यूनिपोल, मोनोपोल) के खिलाफ भी निगम ने अंतिम चेतावनी जारी की है। 21 सितंबर की बैठक में सहमति के बावजूद कई एजेंसियों ने अपने होर्डिंग्स पर नंबरिंग और एजेंसी का नाम अंकित नहीं किया है। इसके लिए 26 सितंबर 2026 तक का अंतिम समय दिया गया है। यदि तय समय तक नंबरिंग और नाम अंकित नहीं किए गए तो संबंधित विज्ञापन पट्टों को काटकर हटा दिया जाएगा और लापरवाही बरतने वाली एजेंसियों को काली सूची (ब्लैकलिस्ट) में डाल दिया जाएगा।
इसके अलावा खादगढ़ा स्थित भगवान बिरसा मुंडा बस टर्मिनल में 25 सितंबर से राँची नगर निगम अपने स्तर पर टोल और राजस्व की वसूली शुरू करने जा रहा है। इसके सुचारू संचालन के लिए अपर नगर आयुक्त संजय कुमार की अध्यक्षता में हुई बैठक के दौरान दो पालियों में (सुबह 4:00 से दोपहर 12:00 और दोपहर 12:00 से रात 8:00 बजे तक) अधिकारियों व कर्मचारियों का ड्यूटी रोस्टर जारी किया गया है।
राजस्व संग्रह में पूर्ण पारदर्शिता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से निगम ने स्पष्ट किया है कि केवल अधिकृत पहचान-पत्र धारक कर्मचारी ही वसूली करेंगे और किसी भी बाहरी अथवा निजी व्यक्ति को इसमें संलग्न नहीं किया जाएगा।


