
रांची: रांची नगर निगम (आरएमसी) ने चालू वित्तीय वर्ष के पहले क्वार्टर में रिकॉर्ड 48 करोड़ रुपए का टैक्स वसूल कर राज्य में पहला स्थान हासिल किया है, लेकिन नागरिक सुविधाएं देने के मामले में स्थिति बेहद खराब बनी हुई है। एक तरफ जहां निगम टैक्स वसूली में लगातार नए रिकॉर्ड स्थापित कर रहा है, वहीं दूसरी तरफ शहर की बुनियादी ढांचागत व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई हैं।
पिछले वित्तीय वर्ष में 100 करोड़ से अधिक जुटाए होल्डिंग टैक्स से
रांची नगर निगम वित्तीय प्रबंधन और राजस्व जुटाने में लगातार अव्वल साबित हुआ है। वित्तीय आंकड़ों पर नजर डालें तो पहले क्वार्टर की कमाई चालू वित्तीय वर्ष के फर्स्ट क्वार्टर में ही निगम ने 48 करोड़ रुपए का राजस्व जमा कर लिया है। जबकि पिछले वित्तीय वर्ष में निगम ने केवल होल्डिंग टैक्स के जरिए 100 करोड़ रुपए से अधिक की भारी-भरकम राशि जुटाई थी।
रोड नाली की स्थिति है खराब, सड़कों पर बह रहा गंदा पानी
इस भारी मुनाफे और मुस्तैदी के बावजूद, स्थानीय जनता ठगा हुआ महसूस कर रही है क्योंकि इस राजस्व का लाभ जमीन पर दिखाई नहीं दे रहा है। निगम के खजाने में करोड़ों रुपए जमा होने के बाद भी शहर की बुनियादी स्थिति दयनीय है। रांची के विभिन्न इलाकों से आ रही तस्वीरें निगम के दावों की पोल खोलती हैं। ड्रेनेज सिस्टम की लचर व्यवस्था के कारण नालियों का गंदा पानी सड़कों पर बह रहा है, जिससे राहगीरों और स्थानीय लोगों का जीना मुहाल हो गया है।
शहर के मुख्य मार्गों से लेकर रिहायशी इलाकों की आंतरिक सड़कें और नालियां टूट चुकी हैं। हल्की बारिश होते ही सड़कें तालाब का रूप ले लेती हैं, जिससे दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ गया है। नियमित रूप से होल्डिंग टैक्स और अन्य कर चुकाने वाले रांची के लोगों में निगम की इस कार्यशैली को लेकर असंतोष है। स्थानीय लोगों का कहना है कि निगम टैक्स वसूलने के लिए तो बेहद सख्त और सक्रिय रहता है, लेकिन जब बात टूटी सड़कें ठीक करने, नालियों की सफाई करने या जलजमाव से मुक्ति दिलाने की आती है, तो अधिकारी मौन साध लेते हैं।

