- स्व. कमलकांत और स्व. सुंदरी बाला बिद की स्मृति में नि:शुल्क कंप्यूटर प्रशिक्षण, भोजन और प्रशिक्षण सामग्री की व्यवस्था
बुंडू, रांची: आर्थिक तंगी के कारण पढ़ाई छोड़ने को मजबूर अमनबुरु गांव की छह विरहोर बच्चियों के जीवन में उम्मीद की नई किरण जगी है. स्व. कमलकांत एवं स्व. सुंदरी बाला बिद की स्मृति में ‘द कोऑर्डिनेशन’ कार्यक्रम के तहत इन बच्चियों की नि:शुल्क शिक्षा और कंप्यूटर प्रशिक्षण की व्यवस्था की गई है.

बुंडू स्थित जीनियस कंप्यूटर अकादमी में बच्चियों को कंप्यूटर अनुप्रयोगों में उन्नत डिप्लोमा (एडीसीए) के तहत कंप्यूटर, डेस्कटॉप पब्लिशिंग, टैली और इंटरनेट का प्रशिक्षण दिया जा रहा है. साथ ही उन्हें पोशाक, बैग, जूते, पानी की बोतल और छाता सहित आवश्यक प्रशिक्षण सामग्री भी उपलब्ध कराई गई है. बच्चियों के भोजन की व्यवस्था भी की गई है.
इस सेवा कार्य में बिद परिवार के भांजे समन्वय साधु की महत्वपूर्ण भूमिका है. परिवार के साथ कई शुभचिंतक और मित्र भी गुमनाम रहकर सहयोग कर रहे हैं. इस पहल का उद्देश्य सामाजिक भेदभाव मिटाना और वंचित समुदाय की बच्चियों को समान अवसर देकर आत्मनिर्भर बनाना है.
108 मंगल दीपों के बीच संधि पूजा में शामिल हुईं बच्चियां

बुंडू के मिलन मंदिर सेवा संघ में आयोजित संधि पूजा में छहों बच्चियों ने 108 मंगल दीप प्रज्वलित कर भाग लिया. बच्चियां अपने हाथों से पत्तों का हार बनाकर लाई थीं, जिसे मां को अर्पित किया गया. पूजा में शामिल होकर और सभी दीदियों के साथ तस्वीरें खिंचवाकर बच्चियां काफी खुश हुईं. उन्होंने अपना अनुभव साझा करते हुए कहा कि उन्होंने आज तक इतनी अच्छी पूजा में भाग नहीं लिया था. इसके बाद ‘द हैप्पीनेस’ में बच्चियों के लिए दोपहर के भोजन की व्यवस्था भी की गई.


