विष्णु अग्रवाल को ED ने पूछताछ के बाद किया गिरफ्तार, आज कोर्ट में करेगी पेश

1 अगस्त को ED व्यवसायी को कोर्ट में पेश करेगी। इससे पूर्व व्यवसायी ईडी के क्षेत्रीय कार्यालय में शाम में पहुंचे थे, जिसके बाद ईडी के अधिकारियों ने उनसे पूछताछ शुरू की थी

News Aroma Media
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रांची: प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने व्यवसायी विष्णु अग्रवाल (Vishnu Agarwal) को पूछताछ के दौरान सोमवार को गिरफ्तार कर लिया।

विष्णु अग्रवाल पर दस्तावेज में जालसाजी कर जमीन खरीद- बिक्री (land Buy and Sell) करने का आरोप है। 1 अगस्त को ED व्यवसायी को कोर्ट में पेश करेगी। इससे पूर्व व्यवसायी ED के क्षेत्रीय कार्यालय में शाम में पहुंचे थे, जिसके बाद ED के अधिकारियों ने उनसे पूछताछ शुरू की थी।

लंबी पूछताछ के बाद ED  ने विष्णु अग्रवाल को गिरफ्तार कर लिया । ED ने विष्णु अग्रवाल को बीते 26 जुलाई को उपस्थित होने को कहा था, लेकिन वो ED के सामने पेश नहीं हुए थे।

9.30 एकड़ जमीन को लेकर भी विष्णु अग्रवाल से पूछताछ की गई

उन्होंने E-mail के माध्यम से बताया कि आज उनके घर पर पूजा हो रही है, इसलिए वह आज उपस्थित नहीं हो पाएंगे। इसके साथ ही उन्होंने 10 दिनों की समय मांगी थी। इसके बाद ED ने फिर से समन जारी करते हुए 31 जुलाई को ईडी कार्यालय में हाजिर होने का आदेश दिया था।

सूत्रों ने बताया कि ED ने विष्णु अग्रवाल से चेशायर होम रोड स्थित एक एकड़ जमीन की खरीद-बिक्री के सिलसिले में पूछताछ की। इन पर आरोप है कि उक्त जमीन की खरीद-बिक्री कोलकाता के रजिस्ट्री कार्यालय में रखे गये मूल दस्तावेज में छेड़छाड़ कर तैयार किये गये फर्जी कागजात के आधार पर की गयी है।

फॉरेंसिक जांच में इस जमीन के दस्तावेज में छेड़छाड़ किये जाने की पुष्टि हो चुकी है। इसके अलावा पुगड़ु में 9.30 एकड़ जमीन को लेकर भी विष्णु अग्रवाल से पूछताछ की गई।

विष्णु अग्रवाल ने 8 अगस्त 2019 को ये जमीन खरीदी थी और म्यूटेशन के लिए आवेदन दिया था। इसके बाद तत्कालीन सीओ शुभ्रा रानी ने 10 दिसंबर 2019 को ये बताया कि ये जमीन खासमहाल की है, लेकिन एलडीआर के लीज लिस्ट में इसका जिक्र नहीं है।

जमीन पुनीत भार्गव को बेची गयी थी

फिर एक साल के बाद नामकुम CO ने आठ दिसंबर 2020 को उपायुक्त को विषयांकित भूखंड को खासमहाल भूमि की प्रतिबंधित सूची में शामिल करते हुए लॉक करने की अनुशंसा की थी।

उल्लेखनीय है कि जालसाजी कर तैयार किये गये दस्तावेज के आधार पर भरत प्रसाद और इम्तियाज (Bharat Prasad and Imtiaz) ने चेशायर होम रोड की जमीन की खरीद-बिक्री के लिए राजेश राय से पावर ऑफ अटॉर्नी ली थी। इसके बाद यह जमीन पुनीत भार्गव को बेची गयी थी।

विष्णु अग्रवाल ने पुनीत भार्गव से यह जमीन खरीदी थी।इस जमीन की खरीद-बिक्री (Sale and Purchase of Land) में शामिल भरत प्रसाद और राजेश राय को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है।

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